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जिले में धीमी गति से चल रहा पेयजल टंकियों की स्थापना का काम
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फिरोजाबाद। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम/जल जीवन मिशन के तहत जिले के ग्रामीण अंचल में स्थापित की जा रही छह पेयजल योजनाओं का कार्य धीमी गति से चल रहा है। छह पाइप पेयजल योजनाओं में कहीं नलकूप स्थापित नहीं हो सका तो कहीं बाउंड्रीवाल के साथ अन्य काम अधूरे है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा प्रगति की समीक्षा करने के साथ स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है।
जिले के ग्रामीण अंचल में पानी की किल्लत के मद्देनजर छह पाइप पेयजल योजनाओं के लिए 14 मार्च 2020 को तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति शासन की ओर से दी गई थी। इसका उद्देश्य पेयजल टंकियाें की स्थापना करा ग्रामीण जनता को पानी मुहैया कराना था। इन छह पाइप पेयजल योजनाओं का काम करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी पूर्ण नहीं हो सका है। फतेहपुर कटैना में 246.94 लाख रुपये से स्वीकृत योजना में तीन नलकूप, तीन पंप हाउस, एक टंकी और 11.84 किलोमीटर वितरण प्रणाली तैयार की जानी है लेकिन अब तक दो नलकूप एवं पंप हाउस बन सके हैं।
तीसरे नलकूप स्थापना के लिए सिर्फ स्थान का चिह्नांकन हो सका है। वहीं नगला सिकंदर पाइप पेयजल योजना 248.39 लाख से स्थापित होनी थी। विभाग अधिकांश काम पूर्ण होने का दावा कर रहा है लेकिन यहां भी काम अधूरा पड़ा है। मोहम्मदी में 363.42 लाख की कीमत से स्थापित होने वाली पेयजल टंकी की स्थापना का काम भी अधूरा है। गढ़ी हंसराम में 211.49 लाख रुपये की कीमत से होने वाली पेयजल टंकी की स्थापना का काम भी पूर्ण नहीं हो सका। खेरा लंगर में भी यह काम अधूरा है।
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नगला केवल में नहीं मिल रहा पानी का स्रोत
नगला केवल के ग्रामीणों को मीठा पानी मुहैया कराने के लिए शासन ने एक करोड़ 21 लाख 39 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं। पाइप पेयजल योजना के नलकूप स्थापना के लिए चार स्थानों से पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया लेकिन चारों स्थानों के सैंपल फेल हो गए। ऐसे में विभाग को सही पानी के लिए नए स्थान की तलाश करनी पड़ रही है।
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जिले के ग्रामीण अंचल में पानी की किल्लत के मद्देनजर छह पाइप पेयजल योजनाओं के लिए 14 मार्च 2020 को तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति शासन की ओर से दी गई थी। इसका उद्देश्य पेयजल टंकियाें की स्थापना करा ग्रामीण जनता को पानी मुहैया कराना था। इन छह पाइप पेयजल योजनाओं का काम करीब डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी पूर्ण नहीं हो सका है। फतेहपुर कटैना में 246.94 लाख रुपये से स्वीकृत योजना में तीन नलकूप, तीन पंप हाउस, एक टंकी और 11.84 किलोमीटर वितरण प्रणाली तैयार की जानी है लेकिन अब तक दो नलकूप एवं पंप हाउस बन सके हैं।
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तीसरे नलकूप स्थापना के लिए सिर्फ स्थान का चिह्नांकन हो सका है। वहीं नगला सिकंदर पाइप पेयजल योजना 248.39 लाख से स्थापित होनी थी। विभाग अधिकांश काम पूर्ण होने का दावा कर रहा है लेकिन यहां भी काम अधूरा पड़ा है। मोहम्मदी में 363.42 लाख की कीमत से स्थापित होने वाली पेयजल टंकी की स्थापना का काम भी अधूरा है। गढ़ी हंसराम में 211.49 लाख रुपये की कीमत से होने वाली पेयजल टंकी की स्थापना का काम भी पूर्ण नहीं हो सका। खेरा लंगर में भी यह काम अधूरा है।
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नगला केवल में नहीं मिल रहा पानी का स्रोत
नगला केवल के ग्रामीणों को मीठा पानी मुहैया कराने के लिए शासन ने एक करोड़ 21 लाख 39 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं। पाइप पेयजल योजना के नलकूप स्थापना के लिए चार स्थानों से पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया लेकिन चारों स्थानों के सैंपल फेल हो गए। ऐसे में विभाग को सही पानी के लिए नए स्थान की तलाश करनी पड़ रही है।