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Agra News: 124 साल पुराना है माता चामुंडा देवी का मंदिर
Sat, 29 Mar 2025 11:26 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 29 Mar 2025 11:26 PM IST
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कासगंज में चामुंडा माता मंदिर का पीपल का वह पेड़ इसमे माता के चरण निकलने की है मान्यता।
- फोटो : कासगंज में चामुंडा माता मंदिर का पीपल का वह पेड़ इसमे माता के चरण निकलने की है मान्यता।
कासगंज। सरकुलर रोड स्थित माता चामुंडा मंदिर 123 साल पुुराना है। यह मंदिर तरौरा वाली माता के नाम से भी प्रसिद्ध हैं। पीपल की जड़ में माता चामुंडा के चरण निकलने के बाद यहां पर मंदिर की स्थापना की गई। वर्तमान में यह मंदिर भव्य रूप ले चुका है। प्रत्येक सोमवार को मंदिर पर भक्त मनोकामना की पूर्ति के लिए पहुंचते हैं।
तरौरा क्षेत्र के बाग में पीपल की जड़ में माता चामुंडा के चरण निकले। इसके बाद यहां पर 1901 में पहले एक छोटे मंदिर की स्थापना की गई । धीरे धीरे भक्तों का मंदिर आना शुरू हो गया। भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने पर मंदिर की ख्याति फैलने लगी। आज यह मंदिर काफी भव्य रूप ले चुका है।
नवरात्र पर यहां दूर दराज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्र पर यहां मेला लगता है। भक्त अष्टमी व नवमी को माता के दरबार में पहुंच कर हलवा चना का प्रसाद बांटते हैं। मान्यता है कि मंदिर पर सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से माता मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। यहां पर नवरात्र के दिनों में हवन कुंड में आहुति भी दी जाती हैं।
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यहां है स्थित
माता का यह मंदिर सरकुलर रोड पर इस्माइलपुर रोड एवं अशोक नगर के मध्य स्थित है। बस स्टैंड से मंदिर की दूरी आधा किमी है। रेलवे स्टेशन से मंदिर लगभग डेढ़ किमी दूर है। मंदिर के लिए शहर के लोग बिलराम गेट चौराहा, गली माता चामुंडा मंदिर, सोरों गेट अंबेडकर तिराहा आदि मार्गों से होकर जाते हैं।
माता चामुंडा मंदिर के दरबार से कोई भक्त खाली हाथ नहीं लौटता।सच्चे मन से माता से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। नवरात्र के दिनों में दूर दराज के क्षेत्र से भक्त आकर माता रानी की पूजा करते हैं। - अनेक पाल सिंह- पुजारी
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तरौरा क्षेत्र के बाग में पीपल की जड़ में माता चामुंडा के चरण निकले। इसके बाद यहां पर 1901 में पहले एक छोटे मंदिर की स्थापना की गई । धीरे धीरे भक्तों का मंदिर आना शुरू हो गया। भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने पर मंदिर की ख्याति फैलने लगी। आज यह मंदिर काफी भव्य रूप ले चुका है।
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नवरात्र पर यहां दूर दराज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्र पर यहां मेला लगता है। भक्त अष्टमी व नवमी को माता के दरबार में पहुंच कर हलवा चना का प्रसाद बांटते हैं। मान्यता है कि मंदिर पर सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से माता मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। यहां पर नवरात्र के दिनों में हवन कुंड में आहुति भी दी जाती हैं।
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यहां है स्थित
माता का यह मंदिर सरकुलर रोड पर इस्माइलपुर रोड एवं अशोक नगर के मध्य स्थित है। बस स्टैंड से मंदिर की दूरी आधा किमी है। रेलवे स्टेशन से मंदिर लगभग डेढ़ किमी दूर है। मंदिर के लिए शहर के लोग बिलराम गेट चौराहा, गली माता चामुंडा मंदिर, सोरों गेट अंबेडकर तिराहा आदि मार्गों से होकर जाते हैं।
माता चामुंडा मंदिर के दरबार से कोई भक्त खाली हाथ नहीं लौटता।सच्चे मन से माता से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। नवरात्र के दिनों में दूर दराज के क्षेत्र से भक्त आकर माता रानी की पूजा करते हैं। - अनेक पाल सिंह- पुजारी