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इस तरह सदियों तक सहेजा जाएगा ताजमहल

Wed, 23 May 2018 03:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Wed, 23 May 2018 03:22 PM IST
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the study will be done to preserve the taj mahal
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल को सदियों तक संरक्षित करने के लिए जोरशोर से कवायद चल रही है। इसके लिए पर्यावरण और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों के सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। 
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इसी बीच प्रमुख सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी ने कम्बोडिया में अंकोरवाट मंदिर, मिस्र में पिरामिड तथा फ्रांस में एफिल टावर के संरक्षण की योजना के अध्ययन का सुझाव दिया है।
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पिछले दिनों उनकी अध्यक्षता में स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) की टीम के साथ बैठक हुई थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट की मंशा के अनुरूप ताजमहल और ताज ट्रिपेजियम जोन में पर्यावरण संरक्षण एवं विकास के लिए काम्प्रिहेन्सिव डेवलेपमेंट प्लान एवं विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने पर चर्चा हुई थी। 
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रात में ताजमहल का नजारा - फोटो : अमर उजाला
इसी बैठक में प्रमुख सचिव ने सुझाव दिया था कि अंकोरवाट मंदिर, मिश्र के पिरामिड, एफिल टावर के संरक्षण के लिए यदि कोई विजन डॉक्यूमेंट किसी अंतरर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ द्वारा बनाया गया हो तो उसका भी अध्ययन करा लिया जाए। 

साथ ही टीटीजेड के विजन डॉक्यूमेंट में उसका समावेश हो। यह भी सुझाव दिया था कि वर्तमान एवं भविष्य की विकास के सभी संभावित तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विजन डॉक्यूमेंट बनाया जाए। 

जिससे विकास की गति बाधित न हो। विजन डॉक्यूमेंट में पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदूषणकारी उद्योगों को निषिद्ध किया जाए। साथ ही होटल उद्योग को अनुमति दी जाए। 

अध्ययन के लिए 38 लाख का भुगतान

विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का जिम्मा एसपीए पर है। इसके लिए टीटीजेड और एसपीए के मध्य अनुबंध हो चुका है। इसके तहत अनुबंध की शर्त के मुताबिक संस्था को अध्ययन पर आने वाले व्यय का 50 फीसदी के रूप में 38.26 लाख रुपये का भुगतान भी पर्यटन विभाग की ओर से किया जा चुका है। 

एसपीए ने टीटीजेड के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों से वहां के बारे में सूचनाएं मांगी थीं। मगर, अब तक ये सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं हैं। इसमें जिलों की जनसंख्या के अलावा वाहनों की संख्या, जल शोधन संयंत्र की संख्या और उनकी क्षमता, वायु और जल प्रदूषण नियंत्रण के क्या उपाए किए जा रहे हैं। 

होटलों की संख्या, उद्योगों की संख्या, रोड नेटवर्क आदि की जानकारी मांगी थी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विजन डॉक्यूमेंट के लिए पहली बैठक दो जनवरी से हुई थी। इसके बाद टीटीजेड, एसपीए, विभिन्न विभागों के अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ कई बार एक साथ बैठ चुके हैं। 

मगर, अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। पहली बैठक में ही कई विशेषज्ञों ने ताज के आसपास ग्रीन कवर विकसित करने का सुझाव दिया था। ताकि ऊंचे-ऊंचे वृक्ष प्रदूषण और धूल के कणों को ताज से टकराने से रोक सकें। 
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