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रामूवालिया ने तीन घंटे तक की बात, तब माने कैदी

Wed, 14 Sep 2016 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 14 Sep 2016 12:30 AM IST
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The strike ended on the assurance of the minister of prisoners
रामूवालिया ने कहा, रिहाई के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी - फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल जेल में चल रही कैदियों की हड़ताल 18 वें दिन समाप्त हो गई। कैदियों ने इसका एलान कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया के साथ लगभग तीन घंटे चली बातचीत के बाद किया। मंत्री ने 14 साल की सजा पूरी कर चुके 350 कैदियों की रिहाई कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश करने का आश्वासन दिया।
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उन्होंने कहा कि कानूनी मजबूरियों के चलते आदेश तो जारी नहीं किया जा सकता लेकिन रिहाई के लिए कोई न कोई रास्ता जरूर निकाला जाएगा।
मंगलवार को रामूवालिया के साथ एडीजी जेल जीएल मीणा भी सेंट्रल जेल पहुंचे। डीएम गौरव दयाल और एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह भी पहुंच गए। मंत्री ने कैदियों की समस्याएं सुनी। सभी ने एक सुर में कहा कि रिहाई से कम पर मानने वाले नहीं हैं।
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रामूवालिया ने कहा कि वह भी चाहते हैं कि 14 साल की कैद काट चुके कैदी रिहा किए जाएं लेकिन कुछ कानूनी अड़चनें हैं। इन्हें दूर किया जा रहा है। कैदियों के आवेदन के बाद पुलिस रिपोर्ट नेगेटिव आती है, इसका समाधान किया जा रहा है। अपराध से पीड़ित पक्ष रिहाई का विरोध करता है, उन्हें समझाने की कोशिश होगी।
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उन्होंने यह भी बताया कि बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश में कैदियों की बड़ी संख्या में एक साथ रिहाई की जो बातें चल रही हैं, उनमें सच्चाई नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार ने बुजुर्ग, निशक्त और बीमार कैदियों की मदद में जो काम किए हैं, वे किसी अन्य प्रदेश में नहीं किए गए हैं। बता दें, आगरा सेंट्रल जेल में कैदियों की भूख हड़ताल 25 अगस्त को शुरू हुई थी। इसके बाद यह प्रदेश की कई जेलों में फैल गई थी। 


बंदी बच्चों की तरह हैं, जिद कर रहे हैं 
आगरा। बलवंत सिंह रामूवालिया ने जेल पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में कहा,  बंदी हमारे बच्चों की तरह हैं, अपनी मांग पूरी कराने के लिए जिद कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि इसमें कुछ गलत नहीं है। अधिकारियों ने तमाम कोशिशें की हैं। लेकिन अब कैदी मान जाएंगे। क्योंकि वह उनके लिए जो फार्मूला लाए हैं, वो उन्हें पसंद आएगा।

2050 कैदी बंद हैं सेंट्रल जेल में
350 को 14 साल से ज्यादा हो गए
104 की लिस्ट रिहाई के लिए शासन गई
18 दिन चली रिहाई के लिए हड़ताल
 
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