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दो किमी तक सुनाई दी धमाके की आवाज, सहमे लोग

Sun, 06 Feb 2022 01:57 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Feb 2022 01:57 AM IST
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The sound of the explosion was heard for two km, people were shocked
आगरा। धमाके की आवाज तकरीबन दो किलोमीटर दूर तक सुनी गई। इससे आसपास अफरातफरी मच गई थी। लोग दहशत में आ गए। सत्संग में आए लोग भी बाहर निकल आए। घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने लोगों को उठाया। हादसे के बाद दयालबाग मार्ग पर जाम लग गया।
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नगला हवेली के रविंद्र कुमार ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर वो आए हैं। मौके पर खून पड़ा हुआ था। गुब्बारे बिखरे हुए थे। सिलिंडर के टुकड़े भी थे। यह दृश्य देखकर वह दहल गए। प्रत्यक्षदर्शी मांगे सिंह ने बताया कि गुब्बारे वाले के आसपास ठेल वाले खड़े थे। धमाके के बाद लोग भाग खड़े हुए। काफी देर तक लोग घटनास्थल पर जाने की हिम्मत नहीं कर सके।
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सत्संग के दौरान सेवा ड्यूटी में लगे प्रवीन सारस्वत ने बताया कि वह दिन में भी गुब्बारे वाले के पास आए थे। तब उससे सिलिंडर चेक करने के बारे में बोला था। हिमांशु शर्मा और हर्ष मित्तल ने बताया कि धमाका काफी तेज था। पहले तो लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर क्या हुआ। जब मौके पर आए तो घायल पड़े हुए थे। इस पर उनको उपचार के लिए भेजा।
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बिचपुरी निवासी महिला सुदामा, अपने बेटे रेयांश (3), अर्जुन (ढाई वर्ष), पति अजीत के साथ वसंत की सजावट देखने आई थीं। अजीत हाईवे स्थित एक इंजीनियरिंग कालेज में शिक्षक हैं। वह कुछ दूरी पर खड़े थे। तभी हादसा हुआ। उनकी पत्नी और बच्चे घायल हो गए। उनके बच्चे हादसे के बाद सहम गए। वह मां से चिपककर रो रहे थे। उन्हें परिजनों ने किसी तरह संभाला।
पूजा के पिता परमात्मा भगवान टाकीज पर ठेल लगाकर पान मसाला की बिक्री करते हैं। उनकी बेटी पूजा घर जा रही थी। रास्ते में वो भी घायल हो गई। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की जानकारी पुलिस ने परमात्मा को दी। वो थाने पर आए। पुलिस ने उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भेज दिया। उनका कहना था कि पुलिस ने जानकारी दी है।
आगरा कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर अमित अग्रवाल ने बताया कि हवा से हल्की गैस होने पर ही गुब्बारे उड़ सकते हैं। इसलिए गुब्बारों में हाईड्रोजन और हीलियम का प्रयोग किया जाता है। यह बहुत महंगी होती है। इसलिए गुब्बारे वाले कैल्शियम कार्बाइड का प्रयोग करते हैं। यह सस्ता आता है। इसकी पानी से क्रिया कराने पर एसीटिलीन गैस बनाते हैं। धमाके की वजह गैस के तेजी से बनना हो सकती है।

पुराना और कमजोर सिलिंडर गैस का दबाव सह नहीं सका होगा। इससे तेज धमाके के साथ फट गया होगा। दयालबाग में हादसे के बाद मौके पर कार्बाइड मिला है। इससे यही अनुमान है कि गुब्बारे वाला एसीटिलीन बना रहा होगा। यह बच्चों के लिए घातक हो सकती है। यह ज्वलनशील होती है। गुब्बारे बेचने वालों की गैस चेक की जानी चाहिए।
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