{"_id":"69efd343f81deb1a65011059","slug":"the-requirement-of-prepaid-electricity-meters-should-be-abolished-agra-news-c-25-1-agr1035-1045408-2026-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: खत्म हो बिजली के प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: खत्म हो बिजली के प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता
विज्ञापन
प्रीपेड मीटर सहित नौ सूत्री मांगों का दक्षिणांचल एमडी श्रुति को ज्ञापन देते व्यापारी स्त्रोत सं
आगरा। पुराने मीटरों को प्रीपेड मीटर से बदलने की अनिवार्यता खत्म करने और कनेक्शन के नाम पर एस्टीमेट के खेल को रोकने की आगरा व्यापार उद्योग प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है। इसके लिए सोमवार को सीएम को संबोधित नौ सूत्री ज्ञापन दक्षिणांचल की प्रबंध निदेशक श्रुति को सौंपा।
सिकंदरा स्थित ऊर्जा भवन पर व्यापारियों ने विद्युत विभाग की मनमानी और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। विद्युत विभाग की ओर से अनिवार्य रूप से लगाए जा रहे प्रीपेड मीटर और विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापारियों ने आर-पार की लड़ाई का एलान किया।
आगरा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय ने कहा कि प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता को तुरंत समाप्त किया जाए। मीटर केवल उपभोक्ता की सहमति पर ही लगाए जाएं और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आए। मीटर लगाते समय उपभोक्ता को उसका संचालन मैन्युअल और पांच साल का गारंटी कार्ड अनिवार्य रूप से दिया जाए। मीटर तेज चलने की शिकायतों की जांच के लिए एक स्वतंत्र लैब बनाई जाए, जिसकी रिपोर्ट पर बिलिंग में सुधार हो।
विज्ञापन
नए कनेक्शन के नाम पर एस्टीमेट के खेल को बंद किया जाए। उपभोक्ता को दफ्तर बुलाने की व्यवस्था खत्म हो और जेई-लाइनमैन की सीधी दखलअंदाजी कम की जाए। मीटर रिचार्ज करते ही पांच मिनट के भीतर बिजली चालू होने की व्यवस्था हो और पोर्टल पर तत्काल बैलेंस दिखे। बिना आधार और बिना धारा-3 के नोटिस के वर्षों पुराने मामलों में आरसी जारी न की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया, जयदीप सोनकर, संतोष कुमार गुप्ता, उस्मान अगाई, विकास राल्या, अमित बंसल, हाजी कदीर खान और मुस्तकीम खान सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
सिकंदरा स्थित ऊर्जा भवन पर व्यापारियों ने विद्युत विभाग की मनमानी और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। विद्युत विभाग की ओर से अनिवार्य रूप से लगाए जा रहे प्रीपेड मीटर और विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापारियों ने आर-पार की लड़ाई का एलान किया।
विज्ञापन
आगरा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडेय ने कहा कि प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता को तुरंत समाप्त किया जाए। मीटर केवल उपभोक्ता की सहमति पर ही लगाए जाएं और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आए। मीटर लगाते समय उपभोक्ता को उसका संचालन मैन्युअल और पांच साल का गारंटी कार्ड अनिवार्य रूप से दिया जाए। मीटर तेज चलने की शिकायतों की जांच के लिए एक स्वतंत्र लैब बनाई जाए, जिसकी रिपोर्ट पर बिलिंग में सुधार हो।
विज्ञापन
नए कनेक्शन के नाम पर एस्टीमेट के खेल को बंद किया जाए। उपभोक्ता को दफ्तर बुलाने की व्यवस्था खत्म हो और जेई-लाइनमैन की सीधी दखलअंदाजी कम की जाए। मीटर रिचार्ज करते ही पांच मिनट के भीतर बिजली चालू होने की व्यवस्था हो और पोर्टल पर तत्काल बैलेंस दिखे। बिना आधार और बिना धारा-3 के नोटिस के वर्षों पुराने मामलों में आरसी जारी न की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया, जयदीप सोनकर, संतोष कुमार गुप्ता, उस्मान अगाई, विकास राल्या, अमित बंसल, हाजी कदीर खान और मुस्तकीम खान सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे।