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आत्मा का वास्तविक गुण है क्षमा

Tue, 21 Sep 2021 06:41 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 06:41 PM IST
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The real quality of the soul is forgiveness
मैनपुरी। श्री अजितनाथ जिनालय, कटरा में धर्मसभा में प्रतिज्ञा श्री ने कहा कि क्षमा आत्मा का गुण है। वास्तविक में क्षमा तो वही है जो अपनी आत्मा को क्षमा कर संमार्ग पर लगा दे। आज का दिन भी क्षमा के पानी से अपने आत्मा के प्रक्षालन का दिन है। साल भर में आपस में साथ साथ रहने पर जो भी गलतियां हो गई हैं उन सब का प्रायश्चित करना व आपस में एक दूसरे से क्षमा मांगना जरूरी है। अब लोग क्षमा भी उसी व्यक्ति से मांगते हैं जिससे प्रेम है या जो प्रेम करता है। जिससे शत्रुता है उसके घर भूल कर भी क्षमा मांगने नहीं जाते। इस प्रकार उस दिन क्षमा के एवज में अपने अहंकार को और अधिक पुष्ट करते हैं। ऐसा क्षमावाणी पर्व तो मायाचारी का ही प्रतीक होगा।
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मंगलवार को इससे पूर्व जिनालय से प्रतिज्ञा श्री, परीक्षा श्री, प्रेक्षा श्री के सानिध्य में क्षमावाणी पर्व घटयात्रा गाजेबाजे के साथ पार्श्वनाथ उपवन मंदिर तक निकाली गई। निर्जल उपवास करने वालों को रथ पर बिठाया गया। क्षमावाणी घटयात्रा वापस श्री अजितनाथ जिनालय कटरा पहुंची। दोपहर में महावीर जिनालय बिसातखाना मंदिर में अभिषेक एवं शांतिधारा हुई। शाम को आदिनाथ जिनालय बड़ा मंदिर में शांतिधारा, अभिषेक, जलधारा हुई। सभी ने एक दूसरे को गले लगाकर क्षमा मांगी।
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क्षमा की बात सरल, लेकिन करना कठिन
करहल। जैन मंदिर नसिया जी में मंगलवार को विहसंत सागर महाराज ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि क्षमा की बात करना बहुत सरल है। लेकिन क्षमा कर देना बहुत कठिन होता है। जब तक ह्रदय सरल और मन शांत नहीं करोगे तब तक गलतियों का अहसास ही नहीं होगा।
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उन्होंने कहा कि हम हर साल क्षमा वाणी मनाते हैं। लेकिन वो अनुभूति नहीं होती जो क्षमा के पाश्चात्य होनी चाहिए। क्षमा मांगना वीरों का काम है और क्षमा करना महावीर का काम होता है। समाज के लोगों को 19 साल बाद किसी संत के सानिध्य में क्षमावाणी पर्व मनाने का सौभाग्य मिला है। एक दूसरे के प्रति कटुता समाप्त करके महावीर के बताए मार्ग पर चल कर क्षमा मांगना और करना चाहिए। इस दौरान महिलाओं एवं पुरुषों ने एक-दूसरे से हाथ जोड़कर क्षमा मांगी। मनीष जैन, विनीत मुजबार, नमन जैन, अवधेश जैन, रमेश चंद, अशोक, नीरज रपरिया, राजीव सिंघई, मनोज पटवारी, रूबी जैन, संगीता, लवली मुजबार, बुलाकी जैन, अंशुल रपरिया, अशोक रईस मौजूद रहे।
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