उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने देखा ताज, विजिटर बुक में लिखा 'अमर प्रेम और समर्पण का नायाब स्मारक'
आगरा में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने रविवार को पत्नी जिरोट मिर्जियोयेव के साथ ताजमहल का दीदार किया। इस दौरान उन्होंने डायना बेंच पर फोटो खिंचवाए। तकरीबन 40 मिनट के विजिट के दौरान उन्होंने ताज की पच्चीकारी और इतिहास की जानकारी हासिल की।
उन्होंने विजिटर बुक में लिखा कि ‘ताजमहल स्थापत्य कला की अतुलनीय उत्कृष्ट कृति है, जो कि दुनिया का आश्चर्य है। अमर प्रेम और समर्पण का बेमिसाल स्मारक है। मनुष्य की कला के बेजोड़ स्मारकों में से एक है।’
इसके पहले एयरपोर्ट पर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने उनकी अगवानी की। एयरपोर्ट पर मयूर नृत्य और फूलों की होली के साथ उनका स्वागत हुआ उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति विशेष विमान से रविवार दोपहर को खेरिया एयरपोर्ट पर पहुंचे। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुके भेंटकर अगवानी की। इसके बाद वृंदावन के कलाकारों ने मयूर नृत्य और फूलों की होली की प्रस्तुति राष्ट्रपति और उनकी पत्नी के सामने की।
एयरपोर्ट पर एन्क्लेव तक लाल कारपेट बिछाया गया था। फतेहाबाद रोड से ताज रोड तक दोनों ओर उनके स्वागत में भारत के प्रधानमंत्री और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की फोटो के साथ होर्डिंग लगाए गए थे। स्कूली बच्चों ने भारत और उज्बेकिस्तान के झंडे दिखाकर उनका इस्तकबाल किया।
राष्ट्रपति का काफिला दोपहर 12.46 बजे ताजमहल पहुंच गया। राष्ट्रपति ने अपनी पत्नी के साथ ताज की पच्चीकारी और इतिहास में रुचि दिखाई। विजिटर बुक में उन्होंने ताज को दुनिया की बेजोड़ इमारत लिखा।
इसके बाद तकरीबन 40 मिनट तक ताज में रहे। गाइड से ताज के बारे में कुछ सवाल भी पूछे। दोपहर 1.35 बजे उनका काफिला बाहर आया और वह एयरपोर्ट रवाना हो गए।