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पारा गिरा उमस से नहीं मिल सकी लोगों को राहत
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मैनपुरी। सोमवार को तापमान में तो गिरावट आई लेकिन उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिनभर लोग राहत पाने के लिए बेचैन रहे। उमस के चलते पंखे और कूलर भी लोगों के काम नहीं आए। अधिकतम तापमान जहां 38 डिग्री सेल्सियस रहा तो वहीं न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा।
गर्मी से परेशान लोगों को राहत के लिए बारिश का इंतजार है। जून खत्म होने को है लेकिन बेहतर बारिश नहीं हो सकी है। सोमवार को तापमान में अपेक्षाकृत गिरावट दर्ज की गई। 40 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने वाला अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा। उमस के चलते लोग परेशान नजर आए। पंखे और कूलर भी गर्मी का अहसास कराते रहे। मौसम का असर बाजारों और सड़कों पर नजर आया। दुकानें खाली रहीं तो सड़कों पर भी लोग निकलने से बचते रहे। जो लोग घरों से बाहर निकले भी वे खुद को गमछे या अन्य कपड़ों से ढककर निकले। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार फिलहाल दो दिन तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
धान की नर्सरी की प्रगति धीमी
तापमान अधिक होने और उमस के कारण धान की नर्सरी की प्रगति भी धीमी है। किसानों ने खेतों में धान की नर्सरी की बुवाई तो कर दी है लेकिन बार-बार उन्हें इसकी सिंचाई करनी पड़ रही है। अगर मौसम ठंडा हो जाता है तो धान की नर्सरी की प्रगति तेजी से होगी और जल्द ही किसान धान की रोपाई का काम शुरू कर सकेंगे।
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गर्मी से परेशान लोगों को राहत के लिए बारिश का इंतजार है। जून खत्म होने को है लेकिन बेहतर बारिश नहीं हो सकी है। सोमवार को तापमान में अपेक्षाकृत गिरावट दर्ज की गई। 40 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने वाला अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा। उमस के चलते लोग परेशान नजर आए। पंखे और कूलर भी गर्मी का अहसास कराते रहे। मौसम का असर बाजारों और सड़कों पर नजर आया। दुकानें खाली रहीं तो सड़कों पर भी लोग निकलने से बचते रहे। जो लोग घरों से बाहर निकले भी वे खुद को गमछे या अन्य कपड़ों से ढककर निकले। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार फिलहाल दो दिन तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
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धान की नर्सरी की प्रगति धीमी
तापमान अधिक होने और उमस के कारण धान की नर्सरी की प्रगति भी धीमी है। किसानों ने खेतों में धान की नर्सरी की बुवाई तो कर दी है लेकिन बार-बार उन्हें इसकी सिंचाई करनी पड़ रही है। अगर मौसम ठंडा हो जाता है तो धान की नर्सरी की प्रगति तेजी से होगी और जल्द ही किसान धान की रोपाई का काम शुरू कर सकेंगे।
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