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Agra News: घरों में बिखरेगी महिलाओं के हुनर की रोशनी
Tue, 14 Oct 2025 11:08 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:08 PM IST
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मैनपुरी। दिवाली की रौनक इस बार खास होगी, क्योंकि घरों की सजावट और रोशनी में महिलाओं के हाथों से बनी चीजें अहम भूमिका निभाएंगी। कभी सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब अपने हुनर और मेहनत के दम पर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। जनपद में कई स्थानों पर महिलाएं मिट्टी के दीये, मोमबत्तियां, तोरण, रंगोली, झाडू, पूजन थाली और अन्य सजावटी वस्तुएं बनाकर न केवल आमदनी का जरिया बना रही हैं, बल्कि दूसरों के घर भी रोशन कर रही हैं।
शिल्पी के तोरण और रंगोली से सजेगा बाजार
शहर के करहल रोड की शिल्पी जैन पिछले तीन वर्षों से अपने घर पर ही सजावटी सामान तैयार कर रही हैं। उनके द्वारा बनाए गए मोती, नगों और प्लास्टिक के फूलों से सजे तोरण, रंग-बिरंगी रंगोली, भगवान की पोशाक और डिजाइनर दीयों की बाजार में भारी मांग है। शिल्पी ने बताया कि वह स्थानीय बाजार के साथ ऑनलाइन माध्यम से भी उत्पाद बेच रही हैं और इस दिवाली उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद है।
रतिभानपुर की महिलाओं के दीयों से रोशन होंगी रातें
विकास खंड मैनपुरी के गांव रतिभानपुर में संचालित गौरी टैरा कोटा कुम्हारी उद्योग से जुड़कर गांव की कई महिलाएं मिट्टी के दीये, कुल्हड़, ग्लास आदि बना रही हैं। जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आ रही है। महिलाओं ने दीया निर्माण का कार्य तेज कर दिया है। उद्योग संचालक सर्वेश सिंह प्रजापति ने बताया कि यह उद्योग महिलाओं के लिए रोजगार का माध्यम बना है। गांव की निशा, गुड्डी, नीलम, शिवानी, गीता देवी, सुखरानी देवी, मोनिका, गौरी समेत करीब 10 महिलाएं इस काम में लगी हैं।
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अल्का के थाली पोस और कैंडल ने बढ़ाई रौनक
पंजाबी कॉलोनी की अल्का अरोरा भी अपने घर पर सजावटी वस्तुएं तैयार कर रही हैं। वह तोरण, लटकन, पूजन थाली, थाली पोस और कैंडल बनाकर न सिर्फ घर संभाल रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त भी बन रही हैं। अल्का ने बताया कि वह कच्चा माल दूसरे जिलों से मंगाकर अपने उत्पाद तैयार कर रही हैं। मोती और चमकीले गोटों से बनी पूजन थालियां, नेट से तैयार थाली पोस और सुंदर कैंडल लोगों को खूब पसंद आ रही हैं।
झाडू उद्योग संभाल रहीं महिलाएं
शहर के कचहरी रोड पर महिलाओं ने झाडू उद्योग को सफल बना दिया है। उद्योग संचालक वरुण दुबे ने बताया कि कुछ महीने पहले तक शहर में झाडू निर्माण नहीं होता था, लेकिन अब कारखाने में 8 से 10 महिलाएं झाडू बनाकर बाजार की मांग पूरी कर रही हैं। खासकर धनतेरस और दिवाली पर इन सस्ती झाडुओं की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे महिलाओं की आय में इजाफा हुआ है।
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शिल्पी के तोरण और रंगोली से सजेगा बाजार
शहर के करहल रोड की शिल्पी जैन पिछले तीन वर्षों से अपने घर पर ही सजावटी सामान तैयार कर रही हैं। उनके द्वारा बनाए गए मोती, नगों और प्लास्टिक के फूलों से सजे तोरण, रंग-बिरंगी रंगोली, भगवान की पोशाक और डिजाइनर दीयों की बाजार में भारी मांग है। शिल्पी ने बताया कि वह स्थानीय बाजार के साथ ऑनलाइन माध्यम से भी उत्पाद बेच रही हैं और इस दिवाली उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद है।
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रतिभानपुर की महिलाओं के दीयों से रोशन होंगी रातें
विकास खंड मैनपुरी के गांव रतिभानपुर में संचालित गौरी टैरा कोटा कुम्हारी उद्योग से जुड़कर गांव की कई महिलाएं मिट्टी के दीये, कुल्हड़, ग्लास आदि बना रही हैं। जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आ रही है। महिलाओं ने दीया निर्माण का कार्य तेज कर दिया है। उद्योग संचालक सर्वेश सिंह प्रजापति ने बताया कि यह उद्योग महिलाओं के लिए रोजगार का माध्यम बना है। गांव की निशा, गुड्डी, नीलम, शिवानी, गीता देवी, सुखरानी देवी, मोनिका, गौरी समेत करीब 10 महिलाएं इस काम में लगी हैं।
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अल्का के थाली पोस और कैंडल ने बढ़ाई रौनक
पंजाबी कॉलोनी की अल्का अरोरा भी अपने घर पर सजावटी वस्तुएं तैयार कर रही हैं। वह तोरण, लटकन, पूजन थाली, थाली पोस और कैंडल बनाकर न सिर्फ घर संभाल रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त भी बन रही हैं। अल्का ने बताया कि वह कच्चा माल दूसरे जिलों से मंगाकर अपने उत्पाद तैयार कर रही हैं। मोती और चमकीले गोटों से बनी पूजन थालियां, नेट से तैयार थाली पोस और सुंदर कैंडल लोगों को खूब पसंद आ रही हैं।
झाडू उद्योग संभाल रहीं महिलाएं
शहर के कचहरी रोड पर महिलाओं ने झाडू उद्योग को सफल बना दिया है। उद्योग संचालक वरुण दुबे ने बताया कि कुछ महीने पहले तक शहर में झाडू निर्माण नहीं होता था, लेकिन अब कारखाने में 8 से 10 महिलाएं झाडू बनाकर बाजार की मांग पूरी कर रही हैं। खासकर धनतेरस और दिवाली पर इन सस्ती झाडुओं की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे महिलाओं की आय में इजाफा हुआ है।