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दुर्गापूजा महोत्सवों में आखिरी दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाव, दो लाख श्रद्धालु पहुंचे
सार
नगर में चल रहे तीन दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।पूरा शहर दुर्गा मां की भक्ति में डूबा नजर आया।
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टूंडला के बड़े शिव समाधि मंदिर मातारानी की भव्य प्रतिमा
- फोटो : TUNDLA
विस्तार
टूंडला। नगर में चल रहे तीन दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार को कई प्रांतों, नगर और देहात से आए लगभग दो लाख श्रद्धालुुओं मातारानी के दर्शन किए। नगर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर दुर्गा पंडाल सजाए गए। पूरा शहर दुर्गा मां की भक्ति में डूबा नजर आया।
धर्म नगरी में तब्दील टूंडला नगर को दुर्गा महोत्सव आयोजन कमेटियों ने विद्युत रोशनी जगमगा दिया था। इसके अलावा दुकानदारों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। आयोजन स्थल पर लगे आकर्षक मुख्य द्वार, गगनचुंबी मातारानी के भवन लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। दुर्गा पंडालों में मातारानी की मनोरम प्रतिमाएं लोग अपलक निहार रहे थे।
तीन दिवसीय दुर्गा महोत्सव के अंतिम दिन लोगों में मातारानी के दर्शनों का विशेष उत्साह दिखाई दिया। दुर्गा पंडालों में कहीं डांडिया, गरबा हुआ था तो कहीं राधाकृष्ण की रासलीलाएं आयोजित की गईं। महोत्सव में प्रशासन और पुलिस नजर रखे रही।
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इन स्थानों पर सजे पंडाल
कोरोना काल के बाद नगर में आयोजित दुर्गा महोत्सव में सर्वाधिक धूम बंगाली समुदाय द्वारा आयोजित एनसीआर कालेज, विद्या संबंर्धिनी धर्मशाला, ठाकुर बीरीसिंह इंटर कालेज, रेलवे फ्रेंड्स क्लब में रही। यहां आयोजित विविध कार्यक्रमों का लोगों ने लुफ्त उठाया। बड़े शिव समाधि मंदिर, रेलवे टीचर्स कॉलोनी, वाल्मीकि मंदिर, आउट हाउस, नगला रामकिशन, नगला मस्जिद सहित अन्य स्थानों पर मातारानी के भव्य दरबार सजाए गए।
शोभायात्रा निकाल कर किया जाएगा विसर्जन
नगर में आयोजित किए गए दुर्गापूजा महोत्सवों के आयोजकों ने बताया कि सभी मूर्तियों को 5 अक्तूबर दशहरा को शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान आयोजक मंडल और श्रद्धालु मातारानी के गीतों पर फाग खेलते व नृत्य करते हुए प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रतिमाओं को यमुना घाट और प्रशासन द्वारा चिह्नित किए गए तालाबों में विसर्जित किया जाएगा।
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धर्म नगरी में तब्दील टूंडला नगर को दुर्गा महोत्सव आयोजन कमेटियों ने विद्युत रोशनी जगमगा दिया था। इसके अलावा दुकानदारों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। आयोजन स्थल पर लगे आकर्षक मुख्य द्वार, गगनचुंबी मातारानी के भवन लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। दुर्गा पंडालों में मातारानी की मनोरम प्रतिमाएं लोग अपलक निहार रहे थे।
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तीन दिवसीय दुर्गा महोत्सव के अंतिम दिन लोगों में मातारानी के दर्शनों का विशेष उत्साह दिखाई दिया। दुर्गा पंडालों में कहीं डांडिया, गरबा हुआ था तो कहीं राधाकृष्ण की रासलीलाएं आयोजित की गईं। महोत्सव में प्रशासन और पुलिस नजर रखे रही।
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इन स्थानों पर सजे पंडाल
कोरोना काल के बाद नगर में आयोजित दुर्गा महोत्सव में सर्वाधिक धूम बंगाली समुदाय द्वारा आयोजित एनसीआर कालेज, विद्या संबंर्धिनी धर्मशाला, ठाकुर बीरीसिंह इंटर कालेज, रेलवे फ्रेंड्स क्लब में रही। यहां आयोजित विविध कार्यक्रमों का लोगों ने लुफ्त उठाया। बड़े शिव समाधि मंदिर, रेलवे टीचर्स कॉलोनी, वाल्मीकि मंदिर, आउट हाउस, नगला रामकिशन, नगला मस्जिद सहित अन्य स्थानों पर मातारानी के भव्य दरबार सजाए गए।
शोभायात्रा निकाल कर किया जाएगा विसर्जन
नगर में आयोजित किए गए दुर्गापूजा महोत्सवों के आयोजकों ने बताया कि सभी मूर्तियों को 5 अक्तूबर दशहरा को शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान आयोजक मंडल और श्रद्धालु मातारानी के गीतों पर फाग खेलते व नृत्य करते हुए प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रतिमाओं को यमुना घाट और प्रशासन द्वारा चिह्नित किए गए तालाबों में विसर्जित किया जाएगा।