कासगंज। मानसून के फिर से सक्रिय हो जाने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। लगातार दूसरे दिन भी बारिश होने से फसलों को संजीवनी मिल गई है। वहीं बारिश के चलते पारे में और भी गिरावट आ गई। अधिकतम पारा 30 डिग्री तक रह गया।
जिला में सितंबर माह के पहले 13 दिन सूखे चले गए। पहले से ही औसत से कम बारिश होने से फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई। जिला में सूखे के हालत पैदा हो गए। जिससे किसान की चिंताएं बढ़ गई, लेकिन मानूसन एक बार फिर से सक्रिय हो गया। बुधवार को हुई रिमझिम बारिश के बाद बृहस्पतिवार को दिन में कई बार झमाझम बारिश हुई। इस बारिश ने किसानों की मुराद को पूरा कर दिया। इस समय खेत में खरीफ की फसल का सीजन चल रहा है। सभी फसलों को पानी की आवश्यकता है। ऐसे में लगातार दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों को काफी राहत दी है। फसलों को पानी लग जाने से सूखे हालातों से राहत मिलने की उम्मीद बंध गई है। हालांकि बारिश के बाद शहर के जन जीवन पर असर देखा गया। फड़ पर कारोबार करने वाले कारोबारियों का कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो गया। बारिश के चलते तमाम फड़ कारोबारियों ने अपने फड़ नहीं लगाए। बाजार में चहल पहल पर भी असर देखा गया। बारिश से बचने के लिए तमाम लोग छाता लेकर निकलते दिखाई दिए। बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों की बस्तियों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। किसान राजीव, राम निवास आदि का कहना है कि इस बारिश ने किसान को काफी राहत दी है। जो फसलें सूखने लगी थी उनके फिर से लहलहाने की आस बढ़ गई है।