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Agra News: शोरूम, होटल या फिर रेस्टोरेंट, एडीए का नया नियम; पहले पार्किंग फिर होगा नक्शा पास
Fri, 06 Mar 2026 08:13 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2026 08:13 AM IST
सार
आगरा में अब व्यावसायिक इमारतों के नक्शा पास कराने से पहले बिल्डरों को स्टेक पार्किंग की 100% लागत जमानत के रूप में एडीए में जमा करनी होगी। निर्माण के बाद पार्किंग नहीं मिलने पर जमानत जब्त होगी और बिल्डिंग पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी हो सकती है।
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पार्किंग ऐसे बनेगी। एआई
विस्तार
बिल्डिंग की पार्किंग अब सिर्फ कागजों में नहीं बनेगी। नक्शा पास कराते समय आगरा विकास प्राधिकरण स्टेक पार्किंग की लागत राशि जमा कराएगा। पार्किंग नहीं बनाने पर जमानत के रूप में जमा लागत राशि जब्त हो जाएगी। निर्माण के विरुद्ध सीलिंग और ध्वस्तीकरण हो सकेगा।
एमजी रोड, फतेहाबाद रोड, कमला नगर व अन्य प्रमुख सड़क मार्गों पर शोरूम, होटल या रेस्टोरेंट के बाहर अब सड़क पर वाहन खड़े नहीं होंगे। एडीए ने स्टेक पार्किंग नियम कड़े किए हैं। नई भवन निर्माण उपविधि लागू की गई है जिसमें मानचित्र स्वीकृति के समय स्टेक पार्किंग की 100 प्रतिशत लागत राशि को जमानत राशि के रूप में एडीए जमा कराएगा। उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कोई भी व्यावसायिक बिल्डिंग बिना स्टेक पार्किंग नहीं बनेगी। कागजों पर पार्किंग दिखाकर अब नक्शा भी पास नहीं होगा।
ये हैं नए नियम
बिल्डर को पार्किंग की अनुमानित लागत की 100% धनराशि एडीए में जमानत के रूप में जमा करनी होगी।
यह जमा राशि तभी वापस होगी, जब निर्माण पूरा होने पर पार्किंग मशीन लगी होगी, कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी होगा।
बिल्डर ही नहीं, बल्कि आर्किटेक्ट और इंजीनियर को भी शपथ-पत्र देना होगा। गड़बड़ी होने पर दोनों पर कार्रवाई होगी।
ये है स्टेक पार्किंग और उसके फायदे
आर्किटेक्ट अर्चना यादव के अनुसार, स्टेक पार्किंग एक आधुनिक हाइड्रोलिक लिफ्ट तकनीक है। इसमें कम जगह में ज्यादा कारें खड़ी हो सकती हैं। जब गाड़ियां बिल्डिंग के भीतर स्टेक पार्किंग में खड़ी होंगी, तो सड़कों पर एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता मिलेगा। सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करने पर होने वाली चोरी या डेंट लगने के खतरे से मुक्ति मिलेगी।
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निर्माण में रुकेगी मनमानी
जन प्रहरी संस्था के संयोजक नरोत्तम सिंह शर्मा का कहना है कि अक्सर बिल्डर्स पार्किंग की जगह को भी दुकान या गोदाम में बदल देते थे। अब भारी जमानत राशि जब्त होने के डर से वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। नए नियम के अनुसार यदि बिल्डिंग बनने के बाद पार्किंग नहीं पाई गई, तो न केवल जमानत राशि जब्त होगी, बल्कि उस निर्माण को अवैध मानकर सील या ध्वस्त भी किया जा सकता है।
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एमजी रोड, फतेहाबाद रोड, कमला नगर व अन्य प्रमुख सड़क मार्गों पर शोरूम, होटल या रेस्टोरेंट के बाहर अब सड़क पर वाहन खड़े नहीं होंगे। एडीए ने स्टेक पार्किंग नियम कड़े किए हैं। नई भवन निर्माण उपविधि लागू की गई है जिसमें मानचित्र स्वीकृति के समय स्टेक पार्किंग की 100 प्रतिशत लागत राशि को जमानत राशि के रूप में एडीए जमा कराएगा। उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कोई भी व्यावसायिक बिल्डिंग बिना स्टेक पार्किंग नहीं बनेगी। कागजों पर पार्किंग दिखाकर अब नक्शा भी पास नहीं होगा।
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ये हैं नए नियम
बिल्डर को पार्किंग की अनुमानित लागत की 100% धनराशि एडीए में जमानत के रूप में जमा करनी होगी।
यह जमा राशि तभी वापस होगी, जब निर्माण पूरा होने पर पार्किंग मशीन लगी होगी, कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी होगा।
बिल्डर ही नहीं, बल्कि आर्किटेक्ट और इंजीनियर को भी शपथ-पत्र देना होगा। गड़बड़ी होने पर दोनों पर कार्रवाई होगी।
ये है स्टेक पार्किंग और उसके फायदे
आर्किटेक्ट अर्चना यादव के अनुसार, स्टेक पार्किंग एक आधुनिक हाइड्रोलिक लिफ्ट तकनीक है। इसमें कम जगह में ज्यादा कारें खड़ी हो सकती हैं। जब गाड़ियां बिल्डिंग के भीतर स्टेक पार्किंग में खड़ी होंगी, तो सड़कों पर एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता मिलेगा। सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करने पर होने वाली चोरी या डेंट लगने के खतरे से मुक्ति मिलेगी।
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निर्माण में रुकेगी मनमानी
जन प्रहरी संस्था के संयोजक नरोत्तम सिंह शर्मा का कहना है कि अक्सर बिल्डर्स पार्किंग की जगह को भी दुकान या गोदाम में बदल देते थे। अब भारी जमानत राशि जब्त होने के डर से वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। नए नियम के अनुसार यदि बिल्डिंग बनने के बाद पार्किंग नहीं पाई गई, तो न केवल जमानत राशि जब्त होगी, बल्कि उस निर्माण को अवैध मानकर सील या ध्वस्त भी किया जा सकता है।