{"_id":"67f95046b7c1e41b790f5bb7","slug":"the-desire-to-get-the-daughter-married-remained-unfulfilled-mainpuri-news-c-174-1-sagr1036-135277-2025-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: बेटी के हाथ पीले करने की हसरत रह गई अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: बेटी के हाथ पीले करने की हसरत रह गई अधूरी
Fri, 11 Apr 2025 10:54 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 11 Apr 2025 10:54 PM IST
विज्ञापन
भोगांव। नगला दीपा के किसान शिव सिंह के अरमानों पर पानी फिर गया। शिव सिंह अपनी इकलौती बेटी के हाथ पीले करना चाहते थे। बेटी के लिए रिश्ते की तलाश कर रहे थे। अच्छी फसल होने से शादी को लेकर बेहद उत्साहित थे। मगर, उनकी यह हसरत अधूरी ही रह गई।
शिव सिंह यादव के एक पुत्री 19 वर्षीय सृष्टि व एक छोटा बेटा है। वह बेटी सृष्टि से बेहद प्रेम करते थे। बेटी शादी के योग्य हो चुकी थी। जिस वजह से किसान ने रिश्ते की तलाश भी शुरू कर दी थी। उधर, फसल भी इस बार अच्छी हुई थी, तो शादी में होने वाले खर्च को लेकर भी कोई परेशानी नहीं थी। मगर, शिव सिंह को क्या पता था कि बेटी के हाथ पीले करने का उनका सपना अधूरा ही रह जाएगा। ग्राम प्रधान अहिरवा कुल्दीप यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को शिव सिंह कहीं बाहर गए थे। देर शाम को घर वापस आए थे। शुक्रवार सुबह होते ही वह अपनी फसल देखने गए थे। वहां फसल की बर्बादी ने उनके सारे सपने तोड़ दिए। कट चुकी फसल, तैयार खड़ी फसल बारिश और ओले पड़ने की वजह से बर्बाद हो गई थी। यह सदमा एक किसान तो शायद सह भी जाता, मगर एक पिता इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सका। किसान की मौत के बाद घर में मातम छाया हुआ है। पत्नी बच्चों व अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
शिव सिंह यादव के एक पुत्री 19 वर्षीय सृष्टि व एक छोटा बेटा है। वह बेटी सृष्टि से बेहद प्रेम करते थे। बेटी शादी के योग्य हो चुकी थी। जिस वजह से किसान ने रिश्ते की तलाश भी शुरू कर दी थी। उधर, फसल भी इस बार अच्छी हुई थी, तो शादी में होने वाले खर्च को लेकर भी कोई परेशानी नहीं थी। मगर, शिव सिंह को क्या पता था कि बेटी के हाथ पीले करने का उनका सपना अधूरा ही रह जाएगा। ग्राम प्रधान अहिरवा कुल्दीप यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को शिव सिंह कहीं बाहर गए थे। देर शाम को घर वापस आए थे। शुक्रवार सुबह होते ही वह अपनी फसल देखने गए थे। वहां फसल की बर्बादी ने उनके सारे सपने तोड़ दिए। कट चुकी फसल, तैयार खड़ी फसल बारिश और ओले पड़ने की वजह से बर्बाद हो गई थी। यह सदमा एक किसान तो शायद सह भी जाता, मगर एक पिता इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सका। किसान की मौत के बाद घर में मातम छाया हुआ है। पत्नी बच्चों व अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन