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पूर्व विधायक ठाकुर सूरजपाल का निधन, शोक की लहर दौड़ी
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आगरा। पूर्व विधायक ठाकुर सूरजपाल सिंह का शुक्रवार को दिल्ली में हृदयाघात से निधन हो गया। उन्हें तीन दिन पहले सीने में दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार की शाम को उनका निधन हो गया। इससे शोक की लहर दौड़ गई। वह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे।
मूल रूप से किरावली तहसील के गांव अकबरा के रहने वाले ठाकुर सूरजपाल सिंह वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर फतेहपुरसीकरी विधानसभा से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। उन्होंने क्षेत्र में बेहतर काम किया। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भी क्षेत्र की जनता ने उन्हें दोबारा से विधायक बनाया। बसपा के बाद कुछ दिनों तक कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे। 10 अक्तूबर को उन्होंने लखनऊ में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद फतेहपुरसीकरी से चुनाव लड़ने के कयास भी शुरू हो गए थे। उनके करीबी साथी रहे पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने बताया कि एक दिन पहले ही उन्हें दिल्ली के अस्पताल में हृदय संबंधी समस्या के कारण भर्ती कराया गया था, जहां से उनके निधन का समाचार मिला है।
प्रधानी से शुरू किया था राजनीति का सफर
आगरा/रुनकता। ठाकुर सूरजपाल ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत गांव अकबरा के प्रधान के रूप में की थी। वह वर्ष 1995 में प्रधान चुने गए थे। इसके बाद 2005 तक लगातार प्रधान रहे। फतेहपुरसीकरी से लोकसभा का चुनाव लड़ने पहुंचे कांग्रेस नेता राजबब्बर से संपर्क में आने के बाद वह 2019 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
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लंबू-छोटू की जोड़ी से जाने जाते थे: डॉ. धर्मपाल
सूरजपाल से मित्रता तब से थी, जब वह प्रधान हुआ करते थे। विधायक बने तो लखनऊ एक ही गाड़ी से जाते थे। सचिवालय में किसी काम के लिए भी साथ ही जाते थे। लखनऊ में हम दोनों की जोड़ी को लंबू छोटू की जोड़ी के रूप में जाना जाता था। उनके निधन से लगा कि परिवार का व्यक्ति चला गया। उनकी कमी हमेशा खलेगी। राजनीति में भी उनके जैसी ईमानदारी कम मिलती है। -डॉ. धर्मपाल सिंह, पूर्व विधायक
भाजपाइयों ने जताया शोक
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक राणा, केके भारद्वाज, शरद चौहान, पूर्व विधायक कालीचरन सुमन, गिरीश भारद्वाज ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
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मूल रूप से किरावली तहसील के गांव अकबरा के रहने वाले ठाकुर सूरजपाल सिंह वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर फतेहपुरसीकरी विधानसभा से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। उन्होंने क्षेत्र में बेहतर काम किया। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भी क्षेत्र की जनता ने उन्हें दोबारा से विधायक बनाया। बसपा के बाद कुछ दिनों तक कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे। 10 अक्तूबर को उन्होंने लखनऊ में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद फतेहपुरसीकरी से चुनाव लड़ने के कयास भी शुरू हो गए थे। उनके करीबी साथी रहे पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने बताया कि एक दिन पहले ही उन्हें दिल्ली के अस्पताल में हृदय संबंधी समस्या के कारण भर्ती कराया गया था, जहां से उनके निधन का समाचार मिला है।
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प्रधानी से शुरू किया था राजनीति का सफर
आगरा/रुनकता। ठाकुर सूरजपाल ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत गांव अकबरा के प्रधान के रूप में की थी। वह वर्ष 1995 में प्रधान चुने गए थे। इसके बाद 2005 तक लगातार प्रधान रहे। फतेहपुरसीकरी से लोकसभा का चुनाव लड़ने पहुंचे कांग्रेस नेता राजबब्बर से संपर्क में आने के बाद वह 2019 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
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लंबू-छोटू की जोड़ी से जाने जाते थे: डॉ. धर्मपाल
सूरजपाल से मित्रता तब से थी, जब वह प्रधान हुआ करते थे। विधायक बने तो लखनऊ एक ही गाड़ी से जाते थे। सचिवालय में किसी काम के लिए भी साथ ही जाते थे। लखनऊ में हम दोनों की जोड़ी को लंबू छोटू की जोड़ी के रूप में जाना जाता था। उनके निधन से लगा कि परिवार का व्यक्ति चला गया। उनकी कमी हमेशा खलेगी। राजनीति में भी उनके जैसी ईमानदारी कम मिलती है। -डॉ. धर्मपाल सिंह, पूर्व विधायक
भाजपाइयों ने जताया शोक
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक राणा, केके भारद्वाज, शरद चौहान, पूर्व विधायक कालीचरन सुमन, गिरीश भारद्वाज ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।