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एससी-एसटी एक्ट पर संत समाज में आक्रोश, चुनाव से पहले टेंशन में भाजपा
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
Updated Thu, 13 Sep 2018 03:58 PM IST
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एससी-एसटी एक्ट में हुए संशोधन से क्रोधित संतों ने भाजपा की टेंशन बढ़ा दी है। संतों की तरफ से आने वाले बयान सरकार को भी बेचैन करने लगे हैं। शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती लगातार एक्ट के संशोधन का विरोध कर रहे हैं। महंत नृत्यगोपाल दास भी नाराजगी जता रहे हैं। कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर तो इस एक्ट के विरोध में होने वाले कार्यक्रमों के मंच से बड़े-बड़े एलान कर रहे हैं।
एससी-एसटी एक्ट के संशोधन का विरोध यूं तो प्रदेश भर में ही हो रहा है, लेकिन संतों की नगरी वृंदावन से उठने वाली आवाज लखनऊ और दिल्ली तक पहुंच रही है। संतों के क्रोध से चुनाव से पहले भाजपा टेंशन में आ गई है। पिछले दिनों वृंदावन पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सारा दिन संतों के बीच में रहे लेकिन विरोध के सुर दब नहीं पाए।
वृंदावन में चतुर्मास पर व्रत करने आए शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज लगातार एससी-एसटी एक्ट के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने समाज को बांट दिया है। श्रीराम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष और श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास महाराज भी इस मुद्दे पर सरकार का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि आरक्षण से हिंदू समाज खंड-खंड हो जाएगा।
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एससी-एसटी एक्ट के संशोधन का विरोध यूं तो प्रदेश भर में ही हो रहा है, लेकिन संतों की नगरी वृंदावन से उठने वाली आवाज लखनऊ और दिल्ली तक पहुंच रही है। संतों के क्रोध से चुनाव से पहले भाजपा टेंशन में आ गई है। पिछले दिनों वृंदावन पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सारा दिन संतों के बीच में रहे लेकिन विरोध के सुर दब नहीं पाए।
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वृंदावन में चतुर्मास पर व्रत करने आए शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज लगातार एससी-एसटी एक्ट के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने समाज को बांट दिया है। श्रीराम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष और श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास महाराज भी इस मुद्दे पर सरकार का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि आरक्षण से हिंदू समाज खंड-खंड हो जाएगा।
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देवकी नंदन ठाकुर भी कर रहे विरोध
कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर भी इस एक्ट का विरोध कर रहे हैं। पिछले दिनों वृंदावन में हुए ब्राह्मण महाकुंभ में उन्होंने कहा था कि सरकार को 2019 में जनता सबक सिखाए। 11 सितंबर को उन्हें आगरा में गिरफ्तार भी कर लिया गया। कथावाचक आचार्य देवमुरारी बापू ने भी इस एक्ट का विरोध करते हुए सवर्ण समाज के कई संगठनों को जोड़ना शुरू कर दिया है। वो भी ब्रज में बड़ा आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को एक महीने का वक्त दिया है।
संतों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग शुरू कर दी है। मथुरा, अयोध्या और हरिद्वार के संत मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगे। संतों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। जन्माष्टमी पर जब नृत्यगोपालदास जी महाराज मथुरा आए थे तब उन्होंने कहा था कि वह इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे।
संतों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग शुरू कर दी है। मथुरा, अयोध्या और हरिद्वार के संत मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगे। संतों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। जन्माष्टमी पर जब नृत्यगोपालदास जी महाराज मथुरा आए थे तब उन्होंने कहा था कि वह इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे।