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Agra News: फर्जी दस्तावेज से बने राशनकार्डों की तहसील स्तर पर जांच
Fri, 26 Dec 2025 02:17 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 26 Dec 2025 02:17 AM IST
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आगरा। फर्जी दस्तावेज के सहारे राशनकार्ड बनवाकर गरीबों के हक का मुफ्त राशन लेने वाले लोगों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई है। जिले में ऐसे 92,119 राशन कार्डधारकों को चिह्नित किया गया है। तहसील स्तर पर इनकी गहन जांच कराई जाएगी।
इसके लिए प्रत्येक तहसील में आपूर्ति विभाग की विशेष टीमें गठित की जा रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई अपात्र लोगों ने विभागीय कर्मचारियों से सांठगांठ कर पात्रता श्रेणी के राशनकार्ड बनवा लिए। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके पास पक्का मकान, कार या परिवार पर पांच एकड़ से ज्यादा जमीन हैं। इसके बावजूद वर्षों से गरीबों के हिस्से का राशन उठा रहे थे। इससे वास्तविक जरूरतमंदों को मिलने वाले राशन पर असर पड़ रहा था।
जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने सभी तहसीलों के आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे टीम बनाकर कार्डधारकों का भौतिक सत्यापन, आय व संपत्ति की जांच करें। जांच के दौरान राशन कार्डधारकों के साथ-साथ जिन कर्मचारियों ने सत्यापन कर कार्ड स्वीकृत किए थे, उनकी भूमिका की भी जिला स्तर से जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
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जांच पूरी होने के बाद अपात्र पाए जाने वाले राशनकार्ड निरस्त किए जाएंगे और नियमों के तहत गलत तरीके से उठाए गए राशन की रिकवरी की कार्रवाई भी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ‘घर, कार और बाइक फिर भी डकार गए गरीबों का राशन’ शीर्षक से इस गड़बड़ी को उजागर किया था, जिसके बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
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इसके लिए प्रत्येक तहसील में आपूर्ति विभाग की विशेष टीमें गठित की जा रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई अपात्र लोगों ने विभागीय कर्मचारियों से सांठगांठ कर पात्रता श्रेणी के राशनकार्ड बनवा लिए। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके पास पक्का मकान, कार या परिवार पर पांच एकड़ से ज्यादा जमीन हैं। इसके बावजूद वर्षों से गरीबों के हिस्से का राशन उठा रहे थे। इससे वास्तविक जरूरतमंदों को मिलने वाले राशन पर असर पड़ रहा था।
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जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने सभी तहसीलों के आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे टीम बनाकर कार्डधारकों का भौतिक सत्यापन, आय व संपत्ति की जांच करें। जांच के दौरान राशन कार्डधारकों के साथ-साथ जिन कर्मचारियों ने सत्यापन कर कार्ड स्वीकृत किए थे, उनकी भूमिका की भी जिला स्तर से जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
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जांच पूरी होने के बाद अपात्र पाए जाने वाले राशनकार्ड निरस्त किए जाएंगे और नियमों के तहत गलत तरीके से उठाए गए राशन की रिकवरी की कार्रवाई भी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ‘घर, कार और बाइक फिर भी डकार गए गरीबों का राशन’ शीर्षक से इस गड़बड़ी को उजागर किया था, जिसके बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।