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Agra News: किशोर हो रही उच्च रक्तचाप का शिकार
Sat, 13 Jan 2024 12:54 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 13 Jan 2024 12:54 AM IST
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कासगंज। बदलती लाइफ स्टाइल एवं खानपान का असर अब किशोरों पर भी पड़ने लगा है। किशोर उच्च रक्त चाप का शिकार हो रहे हैं। किशोरवय में बालकों में उच्च रक्त चाप का आंकड़ा बालिकाओं से अधिक है। इसका खुलासा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे पांच की रिपोर्ट से हुआ है। जिले के चार प्रतिशत किशोर व तीन प्रतिशत किशोरियां उच्च रक्त चाप का शिकार हो रहे हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के माध्यम से प्रति दो वर्ष बाद सर्वे कराया जाता है। इस सर्वे में बच्चों के जन्म, शिक्षा सेहत सहित अन्य बिंदुओं पर सर्वे होता है। सर्वे चार तक जिले में किशोरों में उच्च रक्त चाप के मामले सामने नहीं आते थे, लेकिन 2019 से 2021 तक कराए गए सर्वे की रिपोर्ट में काफी चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 15 से 49 साल तक की आयु के पुरुष एवं महिलाओं के अलग-अलग सर्वे रिपोर्ट जारी की गई है। 15 से 19 साल तक के किशोरवय की बात की जाए तो 19312 महिलाओं का इस आयु वर्ग में सर्वे किया गया। जिसमें से 80-120 का नॉर्मल ब्लड प्रेशर 69.5 प्रतिशत किशोरियों में पाया गया। 80 से 89 तथा 120 से 139 ब्लड प्रेशर को प्री-हाइपरटेंशन की श्रेणी में रखा गया। इस श्रेणी में 27.6 प्रतिशत किशोरियां सामने आई। हाइपरटेंशन की प्रथम श्रेणी 90 से 99 तथा 140 से 159 ब्लड प्रेशर में 2.3 प्रतिशत किशोरियां, स्टेज दो 100 से 109 तथा 160 से 179 ब्लड प्रेशर के मामले 0.3 प्रतिशत स्टेज तृतीय 110 तथा 180 ब्लड प्रेशर 0.4 प्रतिशत किशोरियों में पाया गया। इसी तरह से 15 से 19 साल तक आयु के किशोरों में 2183 को सर्वे में शामिल किया गया। जिसमें से 52.6 प्रतिशत किशोरों में ही नॉर्मल ब्लड प्रेशर पाया गया। प्री-हाइपरटेंशन में 43.3 प्रतिशत किशोर शामिल रहे। हाइपरटेंशन की प्रथम श्रेणी में 3.4 प्रतिशत, द्वितीय श्रेणी में 0.2, तृतीय श्रेणी में 0.4 प्रतिशत आंकड़ा रहा।
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