सोरोंजी। नमामि गंगा के जिलाध्यक्ष श्रीकांत तिवारी के नेतृत्व में नमामि गंगा की टीम ने सोरों से सांकरा तक बूढ़ी गंगा के बहाव क्षेत्र का निरीक्षण किया। बूढ़ी गंगा में जल की धारा के बाधाओं के बारे में जाना। नमामि गंगा की टीम इन बाधाओं के बारे में सांसद और जल संसाधन मंत्री को बताएंगे और बूढ़ी गंगा व हरि की पौड़ी में सतत जल प्रवाह की मांग करते हुए सौंपेंगे। वहीं, बूढ़ी गंगा में जल पहुंचने की बाधाओं को दूर कराने की मांग करेंगे।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि जगह-जगह पुलिया बंद हैं और ग्रामीणों द्वारा बूढ़ी गंगा के बहाव स्थलों का अतिक्रमण कर खेती शुरू कर दी गई हैं। जो सूखी पड़ी बूढ़ी गंगा में जलधारा में सबसे बढ़ी बाधा हैं। लंबे से समय तीर्थनगरी के लोग बूढ़ी गंगा की जल धारा को शुरू कराकर हरि की पौड़ी में बार-बार जल की कमी की समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग कर चुके हैं। जनपद में इस गंगा का बहाव क्षेत्र 39 किलोमीटर है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में कुमरौआ से सोरों तक बूढ़ी गंगा के बहाव मार्ग पर सफाई तो हुई है, लेकिन जल नहीं है। टीम बरवारा, मडावली, नगला दल, घूरनपुर, परमोरा, बसौलिया आदि गांव में गंगा की बहाव स्थिति का निरीक्षण करते हुए अलीगढ़ जनपद में स्थित सांकरा पुल पर पहुंची। निरीक्षण में पाया कि पुल के नीचे बूढ़ी गंगा में पानी जाने का स्रोत पुलिया को ग्रामीणों ने बंधा लगाकर बंद कर रखा है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सांकरा पुल से लेकर आगे की अवरुद्ध पुलिया व बूढ़ी गंगा मार्ग की सफाई हो जाये तो जनपद में बूढ़ी गंगा में फिर जलधारा आ सकती है। उन्होंने कहा कि टीम के द्वारा सांसद राजवीर व प्रदेश के जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को ज्ञापन देकर बूढ़ी गंगा में अविरलता की मांग की जाएगी। निरीक्षण टीम में गोपाल भारद्वाज, अमित तिवारी, राम दुबे, बालकिशन तिवारी, शरद पांडेय, मुनीश चौधरी, राधाकृष्ण तिवारी, अंशुल भारद्वाज, अवधेश चौधरी, कन्हैया निर्भय, गौरव उपाध्याय मौजूद रहे।