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Agra News: कासगंज में कार्यरत कर्मियों पर भी कार्रवाई की तलवार
Thu, 28 Nov 2024 10:47 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 28 Nov 2024 10:47 PM IST
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कासगंज। फर्जी शासनादेश पर वर्षों से नौकरी कर रहे एटा में चार कर्मचारियों के बर्खास्त होने के बाद कासगंज में कार्यरत कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। हालांकि इन 11 में से वर्तमान में सिर्फ तीन ही कर्मी कार्यरत हैं। सात सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि एक की मृत्यु हो चुकी है। इस मामले में डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन कर दिया है।
एटा कलेक्ट्रेट में वर्ष 1993 और 1995 में 30 सीजनल सहायक वासिल बाकी नवीसों को एक आदेश के तहत विनियमित लिपिक बनाया गया था। मामले में गड़बड़ी की एसआईटी ने जांच की। जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के जिस आदेश के आधार पर इन सभी 30 कर्मियों को विनियमित किया गया था, वह आदेश फर्जी था। इनमें से 11 कर्मचारी वर्ष 2008 में एटा से अलग होकर कासगंज जिला बनने के बाद यहां तैनात हो गए। इनमें से वर्तमान में तीन ही कर्मचारी कार्यरत हैं। सात सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि एक की कुछ समय पूर्व मृत्यु हो चुकी है। तीनों ही कर्मचारियों पर महत्वपूर्ण पटल पर तैनात हैं। एटा में चार कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद अब कासगंज के इन तीनों कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इस मामले में कासगंज की डीएम को एटा डीएम ने पत्र लिखा है। इसके बाद डीएम मेधा रूपम ने बृहस्पतिवार को मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी राकेश पटेल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। जो कि इस प्रकरण की जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच समिति के गठन से कार्यरत कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
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एटा कलेक्ट्रेट में वर्ष 1993 और 1995 में 30 सीजनल सहायक वासिल बाकी नवीसों को एक आदेश के तहत विनियमित लिपिक बनाया गया था। मामले में गड़बड़ी की एसआईटी ने जांच की। जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के जिस आदेश के आधार पर इन सभी 30 कर्मियों को विनियमित किया गया था, वह आदेश फर्जी था। इनमें से 11 कर्मचारी वर्ष 2008 में एटा से अलग होकर कासगंज जिला बनने के बाद यहां तैनात हो गए। इनमें से वर्तमान में तीन ही कर्मचारी कार्यरत हैं। सात सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि एक की कुछ समय पूर्व मृत्यु हो चुकी है। तीनों ही कर्मचारियों पर महत्वपूर्ण पटल पर तैनात हैं। एटा में चार कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद अब कासगंज के इन तीनों कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इस मामले में कासगंज की डीएम को एटा डीएम ने पत्र लिखा है। इसके बाद डीएम मेधा रूपम ने बृहस्पतिवार को मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी राकेश पटेल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। जो कि इस प्रकरण की जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच समिति के गठन से कार्यरत कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
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