{"_id":"6879bf4099d563e8aa067d1d","slug":"swachhta-survey-2025-agra-cantonment-fell-from-8th-to-57th-rank-five-parameters-on-which-got-zero-marks-2025-07-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Swachhta Survey 2025: आगरा छावनी 8वीं से 57वीं रैंक पर औंधे मुंह गिरी, ये 5 मानक... जिन पर मिले शून्य अंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Swachhta Survey 2025: आगरा छावनी 8वीं से 57वीं रैंक पर औंधे मुंह गिरी, ये 5 मानक... जिन पर मिले शून्य अंक
Fri, 18 Jul 2025 11:42 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 18 Jul 2025 11:42 AM IST
सार
Agra Swachhta Survey Rank: बीते साल स्वच्छ सर्वेक्षण में आगरा कैंट को मिला देश में 8वां स्थान मिला था, लेकिन इस बार रैंकिग में बड़ी गिरावट आई। हैरानी की बात तो ये है कि आठ में से पांच मानकों में आगरा कैंट को शून्य अंक मिले हैं।
विज्ञापन
आगरा छावनी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
Agra Latest News: आगरा नगर निगम ने सफाई के मामले में जहां बेहद ऊंची छलांग लगाई, वहीं आगरा कैंट बोर्ड स्वच्छ सर्वेक्षण में औंधे मुंह गिरा। बीते साल आगरा कैंट ने देशभर की छावनियों में आठवां स्थान हासिल किया था लेकिन इस बार के सर्वेक्षण में देश की 58 छावनियों में 57वां नंबर आया। चाैंकाने वाली बात यह है कि आगरा कैंट को आठ में से पांच मानकों में शून्य अंक मिले हैं। वहीं कूड़े को स्रोत पर अलग करने में महज तीन फीसदी ही काम हुआ है। गार्बेज फ्री सिटी यानी कचरा मुक्त शहर की रेटिंग आगरा कैंट को मिल ही नहीं पाई।
विज्ञापन
नगर निगम क्षेत्रों के मुकाबले छावनी क्षेत्र स्वच्छ और बेहतर माने जाते हैं लेकिन आगरा कैंट बोर्ड का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में बेहद शर्मनाक प्रदर्शन रहा। आगरा कैंट का देश में 50 हजार की आबादी वाले 820 क्षेत्रों में 814वां स्थान रहा तो देशभर की 58 छावनियों में 57वीं रैंक मिली।
आगरा कैंट को महज 2,081 अंक मिले, जबकि देश में नंबर-1 सिकंदराबाद कैंट को 10,680 अंक मिले। आगरा कैंट को बीते साल 8वां स्थान मिला था लेकिन सुधार के बजाय कैंट बोर्ड उस रैंक को भी बरकरार नहीं रख सका। कैंट के अधिकारियों की लापरवाही से आगरा कैंट क्षेत्र बेहद शर्मनाक स्थिति में आ गया।
ये भी पढ़ें - पुत्रवधू पर आया दिल: सीने में घोंपा चाकू और फिर...इस पिता ने जिस तरह जवान बेटे का किया कत्ल; कांप उठेगा कलेजा
देश में कैंट क्षेत्रों में अंकों का औसत 6,066 रहा, जबकि उत्तर प्रदेश की छावनियों को औसतन 6,719 अंक मिले लेकिन आगरा कैंट को महज 2,081 अंक ही प्राप्त हो सके। शौचालयों की सफाई न होने, कचरे की डंप साइट का निस्तारण न होने, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन न होने और कचरे को अलग-अलग न लेने से रैंकिंग में कैंट को नुकसान पहुंचा।
आगरा कैंट को महज 2,081 अंक मिले, जबकि देश में नंबर-1 सिकंदराबाद कैंट को 10,680 अंक मिले। आगरा कैंट को बीते साल 8वां स्थान मिला था लेकिन सुधार के बजाय कैंट बोर्ड उस रैंक को भी बरकरार नहीं रख सका। कैंट के अधिकारियों की लापरवाही से आगरा कैंट क्षेत्र बेहद शर्मनाक स्थिति में आ गया।
ये भी पढ़ें - पुत्रवधू पर आया दिल: सीने में घोंपा चाकू और फिर...इस पिता ने जिस तरह जवान बेटे का किया कत्ल; कांप उठेगा कलेजा
देश में कैंट क्षेत्रों में अंकों का औसत 6,066 रहा, जबकि उत्तर प्रदेश की छावनियों को औसतन 6,719 अंक मिले लेकिन आगरा कैंट को महज 2,081 अंक ही प्राप्त हो सके। शौचालयों की सफाई न होने, कचरे की डंप साइट का निस्तारण न होने, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन न होने और कचरे को अलग-अलग न लेने से रैंकिंग में कैंट को नुकसान पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा कैंट की रैंकिंग में गिरावट के कारण
- 0 % आवासीय क्षेत्रों में सफाई
- 0 % बाजारों की रसफाई
- 0 % तालाबों, जलस्रोतों की सफाई
- 0 % डंप साइट से कूड़े का निपटान
- 0 % कचरे की प्रोसेसिंग
- 3 % कचरे को अलग किया गया
- 62 % घरों से कचरा उठाया गया
- 25 % सार्वजनिक शाैचालयों की सफाई
ये भी पढ़ें - UP: बीच रोड पर पिट गए BJP विधायक के चाचा, सेनेटरी इंस्पेक्टर सहित 22 पर केस; सीसीटीवी हुआ वायरल
- 0 % आवासीय क्षेत्रों में सफाई
- 0 % बाजारों की रसफाई
- 0 % तालाबों, जलस्रोतों की सफाई
- 0 % डंप साइट से कूड़े का निपटान
- 0 % कचरे की प्रोसेसिंग
- 3 % कचरे को अलग किया गया
- 62 % घरों से कचरा उठाया गया
- 25 % सार्वजनिक शाैचालयों की सफाई
ये भी पढ़ें - UP: बीच रोड पर पिट गए BJP विधायक के चाचा, सेनेटरी इंस्पेक्टर सहित 22 पर केस; सीसीटीवी हुआ वायरल
प्रदेश की छावनियों की रैंकिंग
रैंक छावनी अंक
7वीं वाराणसी 8,616
11वीं लखनऊ 7,401
12वीं झांसी 6,721
14वीं बरेली 6,338
19वीं फैजाबाद 5,849
38वीं मथुरा 3,452
57वीं आगरा 2,081
58वीं कानपुर 1,598
रैंक छावनी अंक
7वीं वाराणसी 8,616
11वीं लखनऊ 7,401
12वीं झांसी 6,721
14वीं बरेली 6,338
19वीं फैजाबाद 5,849
38वीं मथुरा 3,452
57वीं आगरा 2,081
58वीं कानपुर 1,598