स्वच्छता में ताजनगरी ने लगाई 17 पायदान की छलांग, देश में मिला यह स्थान
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केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन के तहत चार जनवरी से 31 जनवरी तक हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 का परिणाम आ गया है। आगरा को टॉप 100 शहरों की सूची में 85वां स्थान मिला है। उत्तर प्रदेश में आगरा को पांचवां स्थान मिला है, वहीं मथुरा प्रदेश में 11वें स्थान पर आया है। जबकि देश में 133वां स्थान हासिल किया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर के करीब 4041 शहरों में चार जनवरी से 31 जनवरी तक स्वच्छता सर्वेक्षण किया गया था। आगरा में अंतिम चरण में सर्वे हुआ था। चार दिन तक टीम शहर में रही थी। इसमें उन्होंने शहर की कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था, सार्वजनिक और सामुदायिक टॉयलेट की व्यवस्था, निजी शौचालयों की व्यवस्था, नगर निगम के उपकरण, कर्मचारी, कर्मचारियों की स्थिति और शहर की जनता सफाई के प्रति कितनी जागरूक है। इसका परीक्षण किया था।
दिल्ली में बुधवार को स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजों को एलान किया गया। इसमें आगरा को 85 वां स्थान मिला है। 2018 के स्वच्छता सर्वेक्षण में आगरा को 4005 शहरों में 102 वां स्थान हासिल हुआ था। इस वर्ष आगरा ने 17 पायदान की छलांग लगाई है। प्रदेश में गाजियाबाद पहले, कानपुर दूसरे, झांसी तीसरे, वाराणसी चौथे, आगरा पांचवें और सहारनपुर छठवें स्थान पर रहा है।
प्रदेश के टॉप फाइव शहर
| शहर | देश में रैंकिंग | प्रदेश में रैंकिंग | प्राप्त अंक (5000 में से) |
| गाजियाबाद | 13 | 01 | 3877 |
| कानपुर | 63 | 02 | 3113 |
| झांसी | 68 | 03 | 3086 |
| वाराणसी | 70 | 04 | 3063 |
| आगरा | 85 | 05 | 2970 |
देश के टॉप टेन शहर
| शहर | प्राप्त अंक (5000 में से) |
| इंदौर | 4659 |
| अंबिकापुर | 4394 |
| मैसूर | 4379 |
| उज्जैन | 4244 |
| नई दिल्ली | 4191 |
| अहमदाबाद | 4137 |
| नवी मुंबई | 4129 |
| तिरुपति | 4025 |
| राजकोट | 4000 |
| देवास | 3968 |
शौचालयों की व्यवस्था ने किया बेड़ा गर्क
टीम ने शहर की सफाई का आब्जर्वेशन किया था, उसमें 847 अंक और सर्टिफिकेशन में 600 और सबसे कम सर्विस लेवल प्रोसेस में 510 अंक प्राप्त हुए हैं। नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक शहर में जब टीम शौचालयों का सर्वे कर रही थी तब उन्हें कई स्थानों पर शौचालय गंदे मिले थे। शौचालयों में बोर्ड तक नहीं थे। अन्य कई प्रकार की खामियां मिली थीं।
टूट गया टॉप टेन में आने का सपना
नगर निगम के अधिकारी शहर के टॉप टेन में आने का सपना देख रहे थे, जिस तरह उत्तर प्रदेश में हुई स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता में नगर निगम को प्रदेश में पहला स्थान मिला था। शहर ओडीएफ डबल प्लस घोषित हुआ था। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों के हौसले बुलंद थे।स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले और सर्वे के दौरान दिन रात काम किया लेकिन परिणाम आने पर टॉप टेन का सपना टूट गया।
जनता दिया ने निगम का साथ
'नगर निगम के कर्मचारियों ने मेहनत की। शहर की जनता का सहयोग मिला है। आगरा नगर निगम देश के अन्य शहरों की तुलना में 17 पायदान ऊपर चढ़ा है। हालांकि यह नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं है लेकिन कोई बात नहीं है और मेहनत करेंगे। इससे बेहतर परिणाम भी आएंगे।' - अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त
'इस परिणाम पर मुझे खुशी भी है और गम भी है। खुशी इस बात की है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में आगरा नगर निगम को 4005 शहरों में 102 वां स्थान मिला था और इस बार 4041 शहरों में से 85 वां स्थान हासिल हुआ है। हमने पहले से बेहतर काम किया है। जनता ने निगम का सहयोग किया है। जो कमियां रह गई हैं उन्हें दूर करेंगे और 2020 में टॉप टेन में स्थान हासिल करने का प्रयास होगा।' -नवीन जैन, मेयर
'ताजमहल के शहर को ताजमहल की तरह स्वच्छ भी होना चाहिए। नगर निगम कर्मचारियों ने मेहनत की है। पिछली वर्ष की तुलना में स्थिति सुधरी है। इसके लिए निगम के कर्मचारी बधाई के पात्र हैं लेकिन साथ में यह भी कहूंगा उन्हें और मेहनत करनी चाहिए।' - चौधरी बाबूलाल, सांसद फतेहपुर सीकरी
'सफाई एक सतत प्रक्रिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर देश में स्वच्छता का मिशन चला है। लोग सफाई के प्रति जागरूक हुए हैं। आगरा शहर में सफाई के प्रति जागरूकता आई है। पिछले वर्ष की तुलना में 17 पायदान ऊपर चढ़े हैं। यह इसी जागरूकता और निगम की मेहनत को दर्शाता है। काम कभी रुकता नहीं है, अगले वर्ष के लिए और मेहनत करेंगे।' - रामशंकर कठेरिया, सांसद आगरा