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स्वच्छ सर्वेक्षण में पिछड़ने के बाद प्रशासन ने नोडल अधिकारी किए तैनात
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मैनपुरी। स्वच्छ सर्वेक्षण में जिले को बड़ा झटका लगने के बाद प्रशासन ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर कवायद शुरू कर दी है। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों को स्वच्छता की मॉनीटरिंग के लिए नोडल अधिकारी नामित किया है। वह क्षेत्र में जाकर स्वच्छता की स्थिति देखकर रिपोर्ट देंगे।
नगर पालिका समेत नगर पंचायतों को भी स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में झटका लगा है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार रैंकिंग गिरने से प्रशासन की भी किरकिरी हुई है। इसे देखते हुए अब सख्ती बढ़ा दी गई है। स्वच्छता की मॉनीटरिंग के लिए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में नोडल अधिकारियों की तैनाती की है।
सीडीओ द्वारा जारी आदेश में ग्रामीण क्षेत्र में 80 न्याय पंचायतों पर और नगरीय क्षेत्र में प्रत्येक वार्ड पर नोडल अधिकारी नामित किया गया है। ये अधिकारी साप्ताहिक रूप से निरीक्षण कर स्वच्छता देखेंगे। पूरे माह की रिपोर्ट उसके बाद मुख्य विकास अधिकारी को भेजी जाएगी। नोडल अधिकारी की तैनाती के बाद अब पंचायतें और नगर निकाय सफाई में लापरवाही नहीं कर सकेंगे। अगर लापरवाही होती है तो सीधे ये बात उच्चाधिकारियों तक पहुंच जाएगी।
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रिपोर्ट के आधार पर कराना होगा सुधार
नोडल अधिकारी हर माह एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंपेंगे। इस रिपोर्ट में जो कमियां होंगी उन्हें संबंधित को सुधार के लिए भेजा जाएगा। अगले माह की रिपोर्ट में अगर वहीं कमियां फिर सामने आती हैं तो जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में लापरवाह कर्मचारी और अधिकारी अब बच नहीं सकेंगे।
सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण कर स्वच्छता को देखेंगे। रिपोर्ट में जो भी लापरवाही या कमी सामने आएगी उसे सुधार कराया जाएगा। सुधार न होन पर कार्रवाई भी की जाएगी।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।
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नगर पालिका समेत नगर पंचायतों को भी स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में झटका लगा है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार रैंकिंग गिरने से प्रशासन की भी किरकिरी हुई है। इसे देखते हुए अब सख्ती बढ़ा दी गई है। स्वच्छता की मॉनीटरिंग के लिए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में नोडल अधिकारियों की तैनाती की है।
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सीडीओ द्वारा जारी आदेश में ग्रामीण क्षेत्र में 80 न्याय पंचायतों पर और नगरीय क्षेत्र में प्रत्येक वार्ड पर नोडल अधिकारी नामित किया गया है। ये अधिकारी साप्ताहिक रूप से निरीक्षण कर स्वच्छता देखेंगे। पूरे माह की रिपोर्ट उसके बाद मुख्य विकास अधिकारी को भेजी जाएगी। नोडल अधिकारी की तैनाती के बाद अब पंचायतें और नगर निकाय सफाई में लापरवाही नहीं कर सकेंगे। अगर लापरवाही होती है तो सीधे ये बात उच्चाधिकारियों तक पहुंच जाएगी।
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रिपोर्ट के आधार पर कराना होगा सुधार
नोडल अधिकारी हर माह एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंपेंगे। इस रिपोर्ट में जो कमियां होंगी उन्हें संबंधित को सुधार के लिए भेजा जाएगा। अगले माह की रिपोर्ट में अगर वहीं कमियां फिर सामने आती हैं तो जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में लापरवाह कर्मचारी और अधिकारी अब बच नहीं सकेंगे।
सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण कर स्वच्छता को देखेंगे। रिपोर्ट में जो भी लापरवाही या कमी सामने आएगी उसे सुधार कराया जाएगा। सुधार न होन पर कार्रवाई भी की जाएगी।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।