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Agra: जहां दफनाई जाती हैं लाशें, उस कब्रिस्तान में रह रहे 70 परिवार, कोई पहचान नहीं, न बाहरी दुनिया से नाता

Sat, 15 Oct 2022 01:32 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 15 Oct 2022 01:32 PM IST
सार

मजिस्ट्रेट ने संयुक्त टीम के साथ मुआयना किया। वहीं कब्रिस्तान कमेटी से 5 दिन में सभी का ब्योरा तलब किया है। वक्फ बोर्ड का कहना है कि कब्रिस्तान में कोई भी पक्का निर्माण नहीं कराया जा सकता है।
 

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Suspicious people were living illegally in cemetery no relation with the outside world
कब्रिस्तान में रह रहे लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के पंचकुइयां कब्रिस्तान में अपर नगर मजिस्ट्रेट, पंचम के साथ संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया तो वहां अवैध पक्के निर्माण, संदिग्ध लोग और खामियां सामने आईं। टीम ने कब्रिस्तान कमेटी को 5 दिन का अल्टीमेटम देकर कब्रिस्तान में रहने वाले लोगों का ब्योरा तलब किया है। वक्फ बोर्ड का कहना है कि कब्रिस्तान में कोई भी पक्का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। केवल उसका उपयोग शव दफनाने में ही किया जाएगा।
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सड़कों पर भीख मांगते हैं बच्चे

सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस की शिकायत पर शुक्रवार को वक्फ बोर्ड, नगर निगम व पुलिस के साथ एसीएम ने जांच की। पाया कि कब्रिस्तान में पक्के अवैध निर्माण हुए हैं और टोरंट ने मीटर भी लगा दिए हैं। 70-80 झुग्गी झोपड़ियों में बाहरी लोग रह रहे हैं। यह सभी बाहरी जनपदों के हैं, ज्यादातर के पास कोई दस्तावेज नहीं है। बच्चे सड़कों पर भीख मांगते हैं।
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बच्चों का बाहरी दुनिया से  नहीं है कोई संबंध 

कब्रिस्तान कमेटी ने भी स्वीकारा कि अवैध लोगों ने झोपड़ियां बना रखी हैं। कब्रिस्तान कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि यहां बाहरी लोग भी अनैतिक कार्यों को अंजाम देते हैं। टीम ने पाया कि कब्रिस्तान में संचालित स्कूल में बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों का बाहरी दुनिया से कोई संबंध नहीं है। 
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