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शासन ने सैटेलाइट से खोजे जिले के आर्द्र क्षेत्र, प्रशासन से मांगी सर्वे रिपोर्ट
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कासगंज की दरियावगंज झील
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर हुए शासन ने अब आर्र्द क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाया है। कासगंज जिले के 8 आर्द्र क्षेत्र शासन को सैटेलाइट से तो दिखाई दे रहे हैं लेकिन दस्तावेजों में सभी आर्द्र क्षेत्रों का जिक्र नहीं है। ऐसे में शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तीन विभागों की टीमें गठित कर दी हैं जो सर्वें करेंगी।
शासन स्तर पर राजस्व और वन विभाग के अफसर सैटेलाइट से जिलों की निगरानी कर रहे हैं। सबसे अधिक बल पर्यावरण संरक्षण पर दिया जा रहा है। कासगंज में सैटेलाइट से हरित क्षेत्र गायब होने के बाद शासन की चिंताएं और बढ़ गईं। शासन ने सैटेलाइट की खोज में पाया है कि जिले में 8 आर्द्र क्षेत्र हैं लेकिन दस्तावेजों में गंगा, बूढ़ी गंगा और दो कैनाल का ही जिक्र है। जबकि सभी आर्द्र क्षेत्रों के संरक्षण की जरूरत है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन अब सभी आर्द्र क्षेत्रों के संरक्षण के लिए सर्वे करा रहा है। शासन द्वारा जो सैटेलाइट सर्वे की जानकारी प्रशासन को दी गई है उसमें बताया गया है कि हजारा कैनाल में मगरमच्छों की संख्या भी अधिक है। सर्वे के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सर्वे के लिए डीएम ने राजस्व, वन विभाग और सिंचाई विभाग की टीम लगाई है।
हरित क्षेत्र के लिए भेजी रिपोर्ट
सैटेलाइट से जब कासगंज का हरित क्षेत्र गायब हो गया तो जिले में वृहद स्तर पर पौधरोपण कर वन विभाग ने हरित क्षेत्र की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी है। ताकि सैटेलाइट पर सोरों क्षेत्र का हरित क्षेत्र फिर से दिखाई देने लगे।
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इन आर्द्र क्षेत्रों का होगा संरक्षण
- 2 नहर जिनमें गंगा कैनाल और हजारा कैनाल शामिल है।
- 3 झील, 2 गंगानदी, 1 हरिपदी कुंड भी सैटेलाइट सर्वे में शामिल।
- 2.5 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में सैटेलाइट पर दिखाई दे रहे आर्द्र क्षेत्र।
वर्जन-
शासन ने सैटेलाइट पर 8 आर्द्र क्षेत्र चिह्नित किए हैं। इनके सर्वे के लिए जिलाधिकारी ने टीमें बना दी हैं। जल्द ही सर्वे रिपोर्ट तैयार की जाएगी। - दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।
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शासन स्तर पर राजस्व और वन विभाग के अफसर सैटेलाइट से जिलों की निगरानी कर रहे हैं। सबसे अधिक बल पर्यावरण संरक्षण पर दिया जा रहा है। कासगंज में सैटेलाइट से हरित क्षेत्र गायब होने के बाद शासन की चिंताएं और बढ़ गईं। शासन ने सैटेलाइट की खोज में पाया है कि जिले में 8 आर्द्र क्षेत्र हैं लेकिन दस्तावेजों में गंगा, बूढ़ी गंगा और दो कैनाल का ही जिक्र है। जबकि सभी आर्द्र क्षेत्रों के संरक्षण की जरूरत है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन अब सभी आर्द्र क्षेत्रों के संरक्षण के लिए सर्वे करा रहा है। शासन द्वारा जो सैटेलाइट सर्वे की जानकारी प्रशासन को दी गई है उसमें बताया गया है कि हजारा कैनाल में मगरमच्छों की संख्या भी अधिक है। सर्वे के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सर्वे के लिए डीएम ने राजस्व, वन विभाग और सिंचाई विभाग की टीम लगाई है।
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हरित क्षेत्र के लिए भेजी रिपोर्ट
सैटेलाइट से जब कासगंज का हरित क्षेत्र गायब हो गया तो जिले में वृहद स्तर पर पौधरोपण कर वन विभाग ने हरित क्षेत्र की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी है। ताकि सैटेलाइट पर सोरों क्षेत्र का हरित क्षेत्र फिर से दिखाई देने लगे।
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इन आर्द्र क्षेत्रों का होगा संरक्षण
- 2 नहर जिनमें गंगा कैनाल और हजारा कैनाल शामिल है।
- 3 झील, 2 गंगानदी, 1 हरिपदी कुंड भी सैटेलाइट सर्वे में शामिल।
- 2.5 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में सैटेलाइट पर दिखाई दे रहे आर्द्र क्षेत्र।
वर्जन-
शासन ने सैटेलाइट पर 8 आर्द्र क्षेत्र चिह्नित किए हैं। इनके सर्वे के लिए जिलाधिकारी ने टीमें बना दी हैं। जल्द ही सर्वे रिपोर्ट तैयार की जाएगी। - दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।