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Cricket News: 166 साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाले राहुल चाहर पर फिर भरोसा, सरे काउंटी ने दोबारा किया अनुबंध
Fri, 06 Mar 2026 09:35 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 06 Mar 2026 09:35 AM IST
सार
आगरा के अंतरराष्ट्रीय लेग स्पिनर राहुल चाहर को इंग्लैंड की सरे काउंटी क्रिकेट क्लब ने अगले सीजन के लिए फिर से अनुबंधित किया है। पिछले साल डेब्यू मैच में 8 विकेट लेकर 166 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने वाले राहुल से क्लब को इस बार भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
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राहुल चाहर के पिता देशराज के साथ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
शहर के अंतरराष्ट्रीय लेग स्पिनर राहुल चाहर पर इंग्लैंड की प्रतिष्ठित सरे काउंटी क्रिकेट क्लब ने एक बार फिर भरोसा जताया है। क्लब और राहुल चाहर के बीच आधिकारिक एग्रीमेंट हुआ है। इसके तहत राहुल आगामी काउंटी सत्र में सरे की ओर से खेलते नजर आएंगे। राहुल चाहर इस वक्त चेन्नई सुपरकिंग्स के शिविर में आईपीएल की तैयारी में व्यस्त हैं।
राहुल ने पिछले साल इंग्लैंड में अपने काउंटी डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया था। उन्होंने हैम्पशायर के खिलाफ मुकाबले में एक पारी में 51 रन देकर 8 विकेट लेकर सरे काउंटी के लिए डेब्यू करने वाले गेंदबाज का 166 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। उसी मैच में राहुल ने कुल 10 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके इस प्रदर्शन की इंग्लैंड के क्रिकेट जगत में भी काफी चर्चा हुई थी।
काउंटी क्रिकेट को दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण घरेलू टूर्नामेंट में माना जाता है। यहां अलग परिस्थितियों और पिचों पर खेलने का अनुभव खिलाड़ियों के खेल को और निखार देता है। ऐसे में राहुल के लिए यह मौका उनके अंतरराष्ट्रीय कॅरिअर के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
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पिता देशराज चाहर बोले मेहनत का मिला फल
राहुल चाहर के पिता देशराज चाहर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि बेटे की लगातार मेहनत का ही नतीजा है कि उसे दोबारा सरे काउंटी से खेलने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले साल राहुल ने वहां अच्छा प्रदर्शन किया था और उन्हें विश्वास है कि इस बार भी वह बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
आगरा के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
शहर के क्रिकेट कोच और खेल प्रेमियों ने भी राहुल चाहर की इस उपलब्धि को आगरा के लिए गर्व की बात बताया है। स्थानीय क्रिकेट कोचों का कहना है कि राहुल की सफलता से शहर के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की प्रेरणा मिलती है। वहीं, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजों को अलग तरह की चुनौती मिलती है और राहुल चाहर का यह अनुभव भविष्य में भारतीय टीम के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
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राहुल ने पिछले साल इंग्लैंड में अपने काउंटी डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया था। उन्होंने हैम्पशायर के खिलाफ मुकाबले में एक पारी में 51 रन देकर 8 विकेट लेकर सरे काउंटी के लिए डेब्यू करने वाले गेंदबाज का 166 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। उसी मैच में राहुल ने कुल 10 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके इस प्रदर्शन की इंग्लैंड के क्रिकेट जगत में भी काफी चर्चा हुई थी।
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काउंटी क्रिकेट को दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण घरेलू टूर्नामेंट में माना जाता है। यहां अलग परिस्थितियों और पिचों पर खेलने का अनुभव खिलाड़ियों के खेल को और निखार देता है। ऐसे में राहुल के लिए यह मौका उनके अंतरराष्ट्रीय कॅरिअर के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
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पिता देशराज चाहर बोले मेहनत का मिला फल
राहुल चाहर के पिता देशराज चाहर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि बेटे की लगातार मेहनत का ही नतीजा है कि उसे दोबारा सरे काउंटी से खेलने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले साल राहुल ने वहां अच्छा प्रदर्शन किया था और उन्हें विश्वास है कि इस बार भी वह बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
आगरा के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
शहर के क्रिकेट कोच और खेल प्रेमियों ने भी राहुल चाहर की इस उपलब्धि को आगरा के लिए गर्व की बात बताया है। स्थानीय क्रिकेट कोचों का कहना है कि राहुल की सफलता से शहर के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की प्रेरणा मिलती है। वहीं, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजों को अलग तरह की चुनौती मिलती है और राहुल चाहर का यह अनुभव भविष्य में भारतीय टीम के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।