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सूर सरोवर पक्षी विहार: सीईसी की सिफारिशों के खिलाफ जिला प्रशासन, एसडीएम ने किया विरोध

Sun, 11 Aug 2024 09:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 11 Aug 2024 09:48 AM IST
सार

सूर सरोवर पक्षी विहार की सीमा 799 हेक्टेयर करने के मामले में सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को सिफारिशें दीं हैं।  जिला प्रशासन ने इसका विरोध किया है।
 

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Sur Sarovar Bird Sanctuary: District administration SDM protest against CEC recommendations
कीठम झील - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के ताज ट्रेपेजियम जोन के लिए फेफड़ों का काम करने वाले सूर सरोवर पक्षी विहार की सीमा 403 हेक्टेयर से बढ़ाकर 799 हेक्टेयर करने पर सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में सिफारिशें दीं हैं। वहीं जिला प्रशासन ने इसका विरोध किया है।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में हुई सुनवाई में पर्यावरण एवं वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। तहसीलदार किरावली और एसडीएम की रिपोर्ट सूर सरोवर पक्षी विहार के सीमा विस्तार के खिलाफ है। दोनों ने सीमा विस्तार से विकास योजनाओं पर असर पड़ने की रिपोर्ट दी है।
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सुनवाई से पहले प्रदेश के संयुक्त सचिव रविशंकर मिश्रा ने पक्षी विहार मामले में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल की। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की। जिसमें 27 विभागों से पक्षी विहार के सीमा विस्तार और उसके बाद ईको सेंसिटिव जोन बदलने से पड़ने वाले प्रभावों पर रिपोर्ट मांगी गई है। तहसीलदार किरावली, एसडीएम और आगरा विकास प्राधिकरण ने अपनी योजनाओं पर असर की जानकारी दी है। मेट्रो समेत अन्य विभागों ने भी ईको सेंसिटिव जोन के लिए अपने सुझाव दाखिल किए हैं।

 

एसडीएम किरावली की रिपोर्ट में ये शामिल
राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुअरी प्रोजेक्ट की डीएफओ को सौंपी रिपोर्ट में एसडीएम किरावली ने ईको सेंसिटिव जोन की सीमा एक किमी और 10 किमी करने पर पड़ने वाले असर का ब्योरा सौंपा है। बताया है कि एक किमी दायरा होने पर शारदा यूनिवर्सिटी, आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज, प्लास्टिक पाइप फैक्टरी, डॉलफिन वाटर पार्क, 10 हेक्टेयर में प्रस्तावित सींगना का आलू अनुसंधान केंद्र, आगरा ट्रेड सेंटर, कमला रावत व शिवदेवी अस्पताल, होटल विराज पैलेस, होटल श्रीनाथ, जैन इंडस्ट्रीज, बंसल स्टोन एंड स्टील, अवनी इंडस्ट्रीज, सिलिंडर टेस्टिंग और इंटर कॉलेज शामिल हैं, जबकि 10 किमी सीमा पर 12 से ज्यादा जूता फैक्टरियां, आस्था सिटी जैसी कॉलोनियां प्रभावित होंगी। आगरा के साथ मथुरा के सरकारी विभागों की रिपोर्ट भी एनजीटी में दाखिल की गई है, जिसमें पक्षी विहार के सीमा विस्तार से असर का ब्योरा दिया गया है।

 
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आदेश का अधिकारी नहीं कर रहे सम्मान
याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि कीठम पक्षी विहार के सीमा विस्तार पर सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी की सिफारिशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अधिकारी सम्मान नहीं कर रहे। ऐसे ग्रुपों से आपत्तियां लगवाई गई हैं, जिनके खिलाफ एनजीटी में पहले से मामले चल रहे हैं। ईको सेंसिटिव जोन में निर्माण कैसे हुए, एनजीटी के संज्ञान में इन्हें लाया जाएगा।
 

 

न्यूमेरिक्स
-403.09 हेक्टेयर मौजूदा वनक्षेत्र
-14.508 हेक्टेयर सूरदास वनक्षेत्र
- 380.55 हेक्टेयर प्रस्तावित क्षेत्र
- 799 हेक्टेयर होना है पक्षी विहार का क्षेत्र
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