Agra: ताजमहल के 500 मीटर दायरे में नहीं हटेंगी दुकानें, सुप्रीम कोर्ट ने व्यापारियों को दी बड़ी राहत
बुधवार का दिन ताजगंज के हजारों परिवारों के लिए खुशी लेकर आया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ताजगंज के कारोबारियों के पक्ष में आदेश दिया है।
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ताजमहल के 500 मीटर परिधि में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत प्रदान की है। बुधवार को न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और अभय एस ओक की बेंच ने ताजगंज वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा दायर की गई याचिका पर आदेश दिया है कि एडीए को सभी नोटिस वापस लेने होंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) से ताज के 500 मीटर दायरे में पर्यावरण प्रभाव का अध्ययन कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद ताजगंज में 3500 से अधिक दुकानें नहीं उजड़ेंगी। आदेश की जानकारी होते ही ताजगंज में लोगों ने मिठाइयां बांटकर और आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की।
ताजगंज वेलफेयर फाउंडेशन की याचिका पर बुधवार सुबह सुनवाई हुई, जिसमें जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने पाया कि 1998 और 1999 में ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में पर्यावरण असर का आकलन करने के लिए कहा गया था लेकिन यह अब तक नहीं हो सका है।
एडीए के नोटिस को गलत ठहराया
पीठ ने कहा कि यह अथॉरिटी की लापरवाही है, जो दुखद है। सुनवाई के दौरान ताजगंज के दुकानदारों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पीठ ने आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा भेजे गए करीब 2000 नोटिसों पर आपत्ति जताते हुए इसे गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि 71 फेरीवालों के याचिका पर दिए गए फैसले को प्राधिकरण ने गलत तरीके से लेते हुए उनके मुवक्किलों को नोटिस जारी कर दिए। ताजगंज में 400 सालों से दुकानें हैं।
उन्होंने कोर्ट से जोर देकर कहा कि 71 फेरीवालों के लिए पारित आदेश से उनका कोई लेना देना नहीं। इसके बाद पीठ ने प्राधिकरण द्वारा दुकानदारों को भेजे गए नोटिस पर कार्रवाई करने पर रोक लगा दी और नीरी को पर्यावरण प्रभाव पर जल्द रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। आगरा से इस सुनवाई के दौरान फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिन सिंह, संदीप अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
एक्सप्रेस वे के लिए 1032 पेड़ काटने की मंजूरी
कोर्ट ने वृंदावन में एक्सप्रेस वे के लिए 1032 पेड़ काटने की अनुमति भी दे दी। 7.278 किमी लंबी सड़क के निर्माण के लिए 1032 पेड़ों को काटने की इजाजत मांगी गई थी। पीठ ने इसकी इजाजत देते हुए सबंधित अथॉरिटी को छह महीने के भीतर इसके एवज में 10350 पौधे लगाने का निर्देश दिया है। पीठ ने न्याय मित्र वरिष्ठ वकील एडीएन राव को पौधारापण वाली जगह का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।