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गुजरात जाने की जिद पर अड़े प्रवासी ने फांसी लगाकर दी जान
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कासगंज। गुजरात वापस जाने की जिद पर अड़े एक प्रवासी श्रमिक ने पिता के मना करने पर फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नितिन (20) पुत्र धर्म पाल निवासी नगला भीकम गंजडुंडवारा गुजरात में कांच का काम करता था। होली पर वह अपने घर आया था। इसके बाद लॉकडाउन की वजह से वापस नहीं जा सका। उसके पिता की गांव में ही हलवाई की दुकान है। वह भी गांव में ही मेहनत मजदूरी करने लगा।
अनलॉक शुरू हो जाने के बाद उसने पिता से वापस गुजरात लौटने के लिए कहा, लेकिन कोरोना संकट के चलते उसके पिता उसे फिर से गुजरात नहीं भेजना चाहते थे। इसी के चलते उन्होंने मना कर दिया। वह जिद करता रहा लेकिन पिता ने अनुमति नहीं दी। अपने मनमाफिक काम न मिलने से उसने शुक्रवार को फिर से पिता से गुजरात जाने की बात कही। उनके मना करने पर वह नाराज होकर घर से निकल गया।
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गऊशाला रोड सब्जी मंडी के पीछे नीम के पेड़ पर बहन की चुनरी से फांसी लगा ली। मंडी के गार्ड ने जब उसके शव को पेड़ पर लटका देखा तो जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर शिनाख्त करवाई और परिजनों को सूचना दी। परिजनों का शव देख कर रो-रो कर बुरा हाल है।
बहन से मांग कर ले गया था चुनरी
कासगंज। नितिन बृहस्पतिवार देर शाम खाना खाने के बाद जब अपने घर से निकला तो उसने अपनी छोटी बहन शिवानी से चुनरी मांगी। कारण पूछने पर बताया कि मास्क की तरह प्रयोग करेगा। बिना मास्क के पुलिस पकड़ ले जाएगी। इसके बाद बहन ने उसको अपनी चुनरी दे दी।
डेढ़ साल पहले भाई की हो चुकी है गुजरात में मौत
कासगंज। नितिन अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। उसके साथ उसका छोटा भाई भी गुजरात में रहता था। करीब डेढ़ साल पहले गुजरात में ही सड़क हादसे में छोटे भाई की मौत हो गई थी। अब परिवार में एक बेटा और एक बेटी ही रह गए है।
युवक बार बार गुजरात जाने की जिद कर रहा था, लेकिन कोरोना संकट के चलते उसके पिता उसे भेजना नहीं चाहते थे। इससे क्षुब्द होकर उसने आत्महत्या कर ली। - विनोद कुमार, कोतवाली प्रभारी, गंजडुंडवारा
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नितिन (20) पुत्र धर्म पाल निवासी नगला भीकम गंजडुंडवारा गुजरात में कांच का काम करता था। होली पर वह अपने घर आया था। इसके बाद लॉकडाउन की वजह से वापस नहीं जा सका। उसके पिता की गांव में ही हलवाई की दुकान है। वह भी गांव में ही मेहनत मजदूरी करने लगा।
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अनलॉक शुरू हो जाने के बाद उसने पिता से वापस गुजरात लौटने के लिए कहा, लेकिन कोरोना संकट के चलते उसके पिता उसे फिर से गुजरात नहीं भेजना चाहते थे। इसी के चलते उन्होंने मना कर दिया। वह जिद करता रहा लेकिन पिता ने अनुमति नहीं दी। अपने मनमाफिक काम न मिलने से उसने शुक्रवार को फिर से पिता से गुजरात जाने की बात कही। उनके मना करने पर वह नाराज होकर घर से निकल गया।
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गऊशाला रोड सब्जी मंडी के पीछे नीम के पेड़ पर बहन की चुनरी से फांसी लगा ली। मंडी के गार्ड ने जब उसके शव को पेड़ पर लटका देखा तो जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर शिनाख्त करवाई और परिजनों को सूचना दी। परिजनों का शव देख कर रो-रो कर बुरा हाल है।
बहन से मांग कर ले गया था चुनरी
कासगंज। नितिन बृहस्पतिवार देर शाम खाना खाने के बाद जब अपने घर से निकला तो उसने अपनी छोटी बहन शिवानी से चुनरी मांगी। कारण पूछने पर बताया कि मास्क की तरह प्रयोग करेगा। बिना मास्क के पुलिस पकड़ ले जाएगी। इसके बाद बहन ने उसको अपनी चुनरी दे दी।
डेढ़ साल पहले भाई की हो चुकी है गुजरात में मौत
कासगंज। नितिन अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। उसके साथ उसका छोटा भाई भी गुजरात में रहता था। करीब डेढ़ साल पहले गुजरात में ही सड़क हादसे में छोटे भाई की मौत हो गई थी। अब परिवार में एक बेटा और एक बेटी ही रह गए है।
युवक बार बार गुजरात जाने की जिद कर रहा था, लेकिन कोरोना संकट के चलते उसके पिता उसे भेजना नहीं चाहते थे। इससे क्षुब्द होकर उसने आत्महत्या कर ली। - विनोद कुमार, कोतवाली प्रभारी, गंजडुंडवारा