{"_id":"6841db2b413e247fbb0fe340","slug":"students-wandering-about-problems-in-the-university-2025-06-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Agra University: ऑनलाइन पोर्टल व हेल्प डेस्क...ये किसी काम के नहीं, चक्कर लगाने को मजबूर विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra University: ऑनलाइन पोर्टल व हेल्प डेस्क...ये किसी काम के नहीं, चक्कर लगाने को मजबूर विद्यार्थी
Thu, 05 Jun 2025 11:30 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Thu, 05 Jun 2025 11:30 PM IST
सार
पहले छात्र को आवेदन की स्थिति के बारे में मोबाइल और मेल पर जानकारी मिलती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। आवेदन महीनों तक अटके रहते हैं।
विज्ञापन
आगरा विश्वविद्यालय।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्या दूर करने के लिए शुरू हुआ ऑनलाइन पोर्टल ठप पड़ा है। हेल्प डेस्क से भी छात्रों की मदद नहीं हो रही है। छात्र मार्कशीट, डिग्री व अन्य समस्याओं के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
एमएससी की छात्रा उर्मिला राघव के पिता हरिकांत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ने 2022 में एफएच डिग्री कॉलेज से एमएससी की थी। विवि ने उसे डिग्री भी दे दी, लेकिन अब तक मार्कशीट नहीं मिली है। दोबारा से आवेदन करने के लिए बोल दिया है।
ऑनलाइन आवेदन के बाद विवि को छात्र का मोबाइल नंबर और ई-मेल मिल जाता था। जिससे छात्र को आवेदन की स्थिति के बारे में मोबाइल और मेल पर जानकारी मिलती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। आवेदन महीनों तक अटके रहते हैं। ऑनलाइन पोर्टल पर मार्कशीट, वेरिफिकेशन, प्रोविजनल डिग्री, मूल डिग्री, माइग्रेशन, नामांकन के आवेदन होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमएससी की छात्रा उर्मिला राघव के पिता हरिकांत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ने 2022 में एफएच डिग्री कॉलेज से एमएससी की थी। विवि ने उसे डिग्री भी दे दी, लेकिन अब तक मार्कशीट नहीं मिली है। दोबारा से आवेदन करने के लिए बोल दिया है।
विज्ञापन
ऑनलाइन आवेदन के बाद विवि को छात्र का मोबाइल नंबर और ई-मेल मिल जाता था। जिससे छात्र को आवेदन की स्थिति के बारे में मोबाइल और मेल पर जानकारी मिलती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। आवेदन महीनों तक अटके रहते हैं। ऑनलाइन पोर्टल पर मार्कशीट, वेरिफिकेशन, प्रोविजनल डिग्री, मूल डिग्री, माइग्रेशन, नामांकन के आवेदन होते हैं।
विज्ञापन
2022 तक ट्रैक होती थी डिग्री
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव आशीष प्रिंस ने बताया कि विवि में वर्ष 2022 तक डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद छात्र अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकता था। लेकिन 2022 के बाद नई एजेंसी आई और यह सुविधा बंद हो गई। अब छात्र विवि के चक्कर काटते रहते हैं।
अंक नहीं हुए अपडेट
मुरैना से आए मंयक कुमार ने बताया कि एमएससी के तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर के नंबर अपडेट कराने हैं। सभी सेमेस्टर की परीक्षा में पास था, फिर भी मार्कशीट पर मार्क्स नॉट क्लियर लिखा आ रहा है।
मार्कशीट में कर दी गलती
लक्ष्य प्रताप सिंह ने बताया कि मैंने 2024 में बीएससी पास किया था। ऑनलाइन परिणाम में फर्स्ट डिवीजन थी। मूल अंकतालिका मिली तो उसमें द्वितीय स्थान दे दिया है। विभागों में चक्कर लगा लिया कोई समाधान नहीं हुआ।
कार्यालय में बताएं समस्या
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि अगर किसी भी छात्र की समस्या दूर नहीं हो रही तो वह मेरे कार्यालय में आ सकता है। विभाग को निर्देशित कर कमी दूर की जाएगी।
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव आशीष प्रिंस ने बताया कि विवि में वर्ष 2022 तक डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद छात्र अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकता था। लेकिन 2022 के बाद नई एजेंसी आई और यह सुविधा बंद हो गई। अब छात्र विवि के चक्कर काटते रहते हैं।
अंक नहीं हुए अपडेट
मुरैना से आए मंयक कुमार ने बताया कि एमएससी के तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर के नंबर अपडेट कराने हैं। सभी सेमेस्टर की परीक्षा में पास था, फिर भी मार्कशीट पर मार्क्स नॉट क्लियर लिखा आ रहा है।
मार्कशीट में कर दी गलती
लक्ष्य प्रताप सिंह ने बताया कि मैंने 2024 में बीएससी पास किया था। ऑनलाइन परिणाम में फर्स्ट डिवीजन थी। मूल अंकतालिका मिली तो उसमें द्वितीय स्थान दे दिया है। विभागों में चक्कर लगा लिया कोई समाधान नहीं हुआ।
कार्यालय में बताएं समस्या
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि अगर किसी भी छात्र की समस्या दूर नहीं हो रही तो वह मेरे कार्यालय में आ सकता है। विभाग को निर्देशित कर कमी दूर की जाएगी।