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इंटरमीडिएट के छात्र ने की आत्महत्या, आगरा में कर रहा था आईआईटी की तैयारी

Sat, 14 Dec 2019 06:36 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 14 Dec 2019 06:36 PM IST
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student found dead in hostel in agra
छात्र चंद्रशेखर का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आगरा में एटा निवासी इंटरमीडिएट के छात्र चंद्रशेखर (17) का शुक्रवार रात शव फंदे से लटका मिला। पुलिस का कहना है कि मामला आत्महत्या का है। सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या का कारण पता किया जा रहा है।
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एटा के पीपल अड्डा स्थित उपकार नगर निवासी वीरपाल सिंह लखनऊ में एक कंपनी में नौकरी करते हैं। उनका बेटा चंद्रशेखर एक साल से प्रताप नगर रोड स्थित दीक्षालय इंस्टीट्यूट में आईआईटी की तैयारी के साथ केदार नगर स्थित सन फ्लॉवर स्कूल से इंटरमीडिएट कर रहा था। 
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उसने इंस्टीट्यूट के पास एमजी रोड-2 पर मानस नगर में एक कोठी में किराये पर कमरा लिया हुआ था। कोठी में उसके साथ ही इंस्टीट्यूट के छात्र दीपक चौहान, अनिल कुमार, विष्णु सत्संगी, हरेंद्र, प्रवीन भी रह रहे थे।
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गमछे के फंदे लटका मिला शव

शुक्रवार रात तकरीबन आठ बजे साथी छात्र भोजन करने के लिए बाहर आए तो उन्होंने आंगन में लगे टिन शेड की सरिया से गमछे से बने फंदे से चंद्रशेखर का शव लटका देखा। 

उन्होंने इंस्टीट्यूट के मैनेजर आशीष को सूचना दी। वह पहुंचे और चंद्रशेखर को कोठी के सामने ही स्थित एक हॉस्पिटल में ले गए। यहां उसे भर्ती नहीं किया गया तो देहली गेट स्थित हास्पिटल में ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। 

जानकारी पर थाना जगदीशपुरा पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

‘मेरा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता’

पिता वीरपाल का कहना है कि मेरा बेटा होनहार था। हाईस्कूल में 75 प्रतिशत से अधिक मार्क्स आए थे। वो आईआईटी की तैयारी कर रहा था। एक साल पहले कोचिंग में प्रवेश के लिए परीक्षा पास की थी। बेटा अच्छे से तैयारी में लगा था। उसे किसी तरह का तनाव नहीं था। वह आत्महत्या नहीं कर सकता है। 

उन्होंने बताया कि तीन बच्चों में चंद्रशेखर सबसे बड़ा था। एक बेटी मुस्कान और सबसे छोटा बेटा सुमित है। चंद्रशेखर पढ़ने में तेज था। हाईस्कूल में 75 प्रतिशत से अधिक मार्क्स आए थे। एक साल पहले कोचिंग के लिए परीक्षा दी। इसमें वह पास हो गया। इस पर उसे आगरा भेज दिया।

वीरपाल ने बताया कि शुक्रवार शाम तकरीबन सात बजे चंद्रशेखर ने उनसे बात की थी। वह कुछ किताबें खरीदने की बात कह रहा था। उन्होंने कहा कि आगरा आकर दिला देंगे। इसके बाद मां शशि से भी बात की। तब किसी तरह की परेशानी नहीं बताई। 

अगर, किसी तरह का तनाव होता तो वह बताता। जब तक वह आगरा आए, तब तक शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा दिया गया था। पुलिस ने शव भी नहीं दिखाया। रिपोर्ट मिलने के बाद वह कार्रवाई कराएंगे। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। 
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