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ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल में बंद किए आवारा पशु, बाहर चबूतरे पर लगी 'पाठशाला'

Thu, 27 Dec 2018 08:22 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 27 Dec 2018 08:22 PM IST
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Stray animals locked in government school by villagers in firozabad
स्कूल में बंद आवारा जानवर - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद जिले में आवारा जानवरों से परेशान किसानों ने गुरुवार को पशुओं को घेरकर प्राथमिक स्कूल में बंद कर दिया। इससे स्कूल में पढ़ाई नहीं हो सकी। प्रधानाध्यापिका को ग्रामीण के चबूतरे पर कक्षाएं लगाने को विवश होना पड़ा। 
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सूचना मिलने पर एसडीएम सिरसागंज पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और किसानों से बात की। इस दौरान किसानों की कहासुनी तक हो गई। आवारा पशुओं को संदलपुर क्षेत्र में भेजने के लिए वाहनों को मंगाकर दबरई भेज दिया।  
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क्षेत्र में आवारा जानवर किसानों के लिए मुसीबत बन गए। कई गांवों में गेहूं, आलू एवं सरसों की फसलों को बर्बाद किया जा रहा है। किसान रात-रात भर ही जागकर फसलों की रखवाली करने को विवश हैं। झुंड के झुंड आवारा पशुओं के फसलों में प्रवेश करने से ही लाखों रुपया का नुकसान हो रहा है।
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चबूतरे पर हुई पढ़ाई  

Stray animals locked in government school by villagers in firozabad
चबूतरे पर बैठकर पढ़ाई करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार की सुबह आवारा जानवरों से परेशान किसरांव गांव के किसानों ने आवारा पशुओं को घेराबंदी करके प्राथमिक स्कूल में बंद कर दिया। करीब दो दर्जन से अधिक पशुओं को स्कूल के अंदर बंद देखकर सुबह आठ बजे अध्यापक और बच्चे स्कूल पहुंचे तो बाहर खड़े रहे। 

स्कूल प्रांगण में गाय, बैल और बछडे़ भरे हुए थे। मजबूरन विद्यालय की प्रधानाध्यापक साक्षी चौहान ने स्कूल के सामने एक मकान के चबूतरे पर स्कूल के बच्चों को बिठाकर पढ़ाना शुरू कर दिया और पूरे मामले की जानकारी बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ पुलिस को दी। 

सूचना मिलते ही सीओ सिरसागंज संजय रेडडी, एसडीएम राजेश कुमार, पशु चिकित्साधिकारी संजय निरंजन, एबीएसए विनोद कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे और स्कूल के गेट पर ग्रामीणों का ताला पड़ा देख किसानों को बुलाया और ताला खुलवाने के लिए कहा। लेकिन किसान ताला खोलने को तैयार नहीं हुए। 

 

किसान बोले प्रशासन नहीं देता ध्यान  

इसको लेकर किसानों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नोकझोंक हो गई थी। मामला बिगड़ता इससे पहले ही एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने डीसीएम व ट्रक को मौके पर बुलवाकर पशुओं को दबरई के पास संदलपुर गौशाला में छोड़ने को कहा।  

किसानों का कहना है कि अब तक आवारा पशुओं ने सरसों, गेंहू व आलू की फसल में लाखों रूपये का नुकसान कर दिया है। यह हाल तो केवल किसरांव का ही नहीं बल्कि आस पास के सभी गांवों का है। आवारा पशुओं के आतंक के कारण वह रात्रि को जागकर फसलें रखवाली करने को विवश हैं। शिकायत किए जाने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती है।  

ग्रामीणों ने सुबह आठ बजे से आवारा पशुओं को एकत्रित करके विद्यालय में घेरकर बंद करना शुरू कर दिया था। स्कूल की दशा और ग्रामीणों की जिद को देखते हुए विद्यालय की प्रधानाध्यापिका साक्षी सिंह को बच्चों की पढ़ाई अरविंद यादव के ही मकान के चबूतरे पर करने को विवश होना पड़ा।  

किसरांव के ग्रामीणों को ऐसा कदम नही उठाना चाहिए था। ग्रामीण अपनी समस्या को प्रशासनिक अफसरों के सामने रख सकते थे। इस कदम से बच्चों की शिक्षा का नुकसान हुआ है और पूरे स्कूल की दशा खराब हो गई है।  
संजय रेड्डी, सीओ सिरसागंज।
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