आगरा: हिरासत में मौत के मामले में एसएसपी मुनिराज जी. पर गिरी गाज, सुधीर कुमार बने नए कप्तान
आगरा में 19 अक्तूबर की रात पुलिस हिरासत में सफाई कर्मचारी अरुण की मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे। विरोधी दलों ने सरकार को घेरा। हिरासत में मौत के तीन दिन बाद एसएसपी के तबादले का आदेश आ गया।
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एसएसपी मुनिराज जी. का शनिवार को आगरा से तबादला हो गया। उनको पुलिस अधीक्षक चुनाव सेल, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के पद पर भेजा गया है। आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह को एसएसपी के पद पर आगरा भेजा गया है। पुलिस हिरासत में सफाई कर्मी की मौत के तीन दिन बाद शासन का यह आदेश आया।
मुनिराज जी. वर्ष 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 26 मार्च को एसएसपी आगरा का पदभार ग्रहण किया था। आगरा आने वाले सुधीर कुमार सिंह वर्ष 1989 में पीपीएस बने थे। वर्ष 2009 आईपीएस अधिकारी बन गए। वह कई जिले में कप्तान रह चुके हैं।
सुधीर कुमार आजमगढ़ से पहले बलरामपुर, गोंडा, आंबेडकर नगर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद में रह चुके हैं। जनवरी 2020 में 15वीं वाहिनी पीएसी में कमांडेंट बनकर आगरा आए थे। उनका स्थानांतरण एसएसपी एसटीएफ लखनऊ के लिए हुआ था। वहां से आजमगढ़ एसपी बने थे। अब उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है।
मुनिराज जी. के कार्यकाल में पांच बदमाश हुए थे ढेर
एसएसपी मुनिराज जी. जब आगरा आए थे तब कोरोना की दूसरी लहर से लोग परेशान थे। उन्होंने पीड़ित लोगों की मदद के लिए पुलिसकर्मियों को लगाया था। अस्पतालों में ऑक्सीजन के इंतजाम किए गए। आगरा में बड़ी घटना ट्रांस यमुना कॉलोनी के डॉक्टर उमाकांत गुप्ता के अपहरण की हुई थी।
इसके बाद कमला नगर स्थित गोल्ड लोन कंपनी में सोना लूटा गया। पुलिस ने सोना लूटने वाले दो बदमाशों को चंद घंटे में एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। इसके बाद डाक्टर के अपहरण करने वाले बदमाश बदन सिंह अपने साथी के साथ पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
इसके बाद 50 हजार का इनामी मुकेश ठाकुर मुठभेड़ में मारा गया। आगरा में पहली बार कुछ ही दिनों में एनकाउंटर हुए। अब डेंगू का प्रकोप होने पर भी एसएसपी ने अलग इंतजाम किए। पुलिस कर्मियों से रक्तदान कराकर जरूरतमंदों की मदद कराई।