Agra: महिला थाने में आढ़ती को हुए ब्रेन हेमरेज पर परिजनों का सवाल- आखिर पुलिस थाने क्यों ले गई?
आढ़ती को ब्रेन हेमरेज मामले में महिला थाना प्रभारी लाइन हाजिर कर दी गई हैं। वारंटी महिला के बारे में पूछताछ के लिए पुलिसकर्मी आढ़ती को थाने ले आए थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में वारंटी महिला के बारे में पूछताछ के लिए आढ़ती विष्णु कुमार कुशवाहा (65) को थाने लाना भारी पड़ गया। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बुधवार को लापरवाही के आरोप में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक रंजना सचान को लाइन हाजिर कर दिया। जांच एसपी प्रोटोकॉल शिवराम यादव को सौंप दी। विष्णु कुमार ब्रेन हैमरेज की वजह से 6 दिन से अस्पताल में भर्ती हैं।
वर्ष 1997 में काछीपुरा, सदर निवासी विष्णु कुमार के भाई कृष्णा की पत्नी उमा देवी की मां मुन्नी देवी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा लिखाया था। 10 लोग नामजद थे। पुलिस ने कृष्णा के खिलाफ चार्जशीट लगाई और अन्य को क्लीन चिट दे दी। वर्ष 2014 में कोर्ट ने कृष्णा को सजा सुना दी। विचारण के दौरान कृष्णा के भाई विष्णु प्रकाश, बृजेश और श्यामसुंदर को भी तलब किया। चार वर्ष पहले कृष्णा की मौत हो गई थी। कोर्ट में विष्णु प्रकाश, बृजेश और श्यामसुंदर तारीखों पर जा रहे हैं। मुन्नी देवी और पीड़िता उमा देवी कोर्ट में नहीं जा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ वारंट जारी हुए थे। पुलिस मुन्नी देवी के घर गई, उनके न मिलने पर जेठ विष्णु कुमार को बाइक पर थाने ले आई। थाने में उनकी हालत बिगड़ गई। उनका ब्रेन हैमरेज का इलाज अस्पताल में हो रहा है। सुधार होने पर वेंटीलेटर हटा दिया गया है। परिजन मंगलवार को एसएसपी से मिलेे। पुलिस पर इलाज नहीं कराने और लापरवाही का आरोप लगाया। बिना कारण विष्णु कुमार को पकड़कर लाने की बात कही। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि पूरे मामले की जांच एसपी प्रोटोकॉल शिवराम यादव को दी है। लापरवाही के आरोप में महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक रंजना सचान को लाइन हाजिर किया गया है।
परिवार की आर्थिक स्थिति खराब
एसपी प्रोटोकॉल शिवराम यादव ने जांच शुरू कर दी है। विष्णु कुमार के परिजनों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। विष्णु के छह बच्चे हैं। पांच बेटियां और एक बेटा। दो बेटी पूजा और रंजना अविवाहित हैं। आरती के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
परिजनों का सवाल
परिजन सवाल कर रहे हैं कि आखिर पुलिस विष्णु कुमार को थाने पकड़कर क्यों ले गई? जबकि वादी पक्ष से उनका कोई लेना-देना नहीं है। विष्णु के खिलाफ ना कोई मुकदमा था, ना कोई वारंट जारी हुआ था। थाने ले जाने के बाद उनको टॉर्चर किया गया, जिससे उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया। परिजन ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।