मथुरा: सट्टे के आरोपी की शिकायत पर एसएसपी ने की बड़ी कार्रवाई, इंस्पेक्टर, दरोगा सहित पांच पुलिसकर्मी किए निलंबित
सट्टे के आरोप हिरासत में लेने के बाद आरोपी युवक को पुलिस ने थाने से ही छोड़ दिया। इस मामले में आरोपी युवक ने एसएसपी से शिकायत करते हुए पुलिसकर्मियों पर 40 हजार की रिश्वत लेने का आरोप लगाया। जिसके बाद जांच कराने के बाद एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर, दरोगा सहित पांच पुलिसकर्मी को निलंबित किया है।
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मथुरा के गोवर्धन में सट्टे के आरोप में हिरासत में लिए युवक को चालीस हजार की रिश्वत लेकर थाने से छोड़ना थाना पुलिस को भारी पड़ गया। पुलिस हिरासत से छूटने के बाद आरोपी एसएसपी कार्यालय पहुंच गया। उसने इंस्पेक्टर, बीट दरोगा, सहित तीन पुलिस कर्मियों पर चालीस हजार रुपये लेकर थाने से छोड़ने की बात एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को बताई थी। एसएसपी ने एसपी ग्रामीण से प्रकरण की जांच कराई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई।
आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसएसपी ने शनिवार सुबह गोवर्धन थाने के इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार द्विवेदी, बीट दरोगा योगेश कुमार, कांस्टेबल पवन कुमार यादव, मनोहर सिंह व अमित कुमार को निलंबित कर दिया, जबकि दलाल सेफ है। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
8 मई का है मामला
बताया गया है कि 8 मई को बीट दरोगा योगेश कुमार ने मयंक पुत्र प्रदीप निवासी कस्बा गोवर्धन को सट्टे के आरोप में हिरासत में लेकर सट्टे का मुकदमा दर्ज कर दिया। आरोप है कि रात में एक दलाल के माध्यम से पुलिस को चालीस हजार देकर मयंक को पुलिस हिरासत से मुक्त करा लिया था। इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत आरोपी मयंक ने एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से की। एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र ने प्रकरण की जांच में आरोपी द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि कर एसएसपी को आख्या प्रेषित कर दी थी।
चल रही है गोपनीय जांच
मामले की जानकारी देते हुए गोवर्धन सीओ गौरव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सट्टे के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे पैसे लेकर छोड़ने के मामले में थानाध्यक्ष, एक दरोगा व तीन सिपाहियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है। इस प्रकरण में गोपनीय जांच चल रही है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।