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श्री कृष्ण जन्मस्थान प्रकरण: मुस्लिम पक्ष ने दो घंटे तक गिनाईं दावे में कमियां

Sat, 23 Oct 2021 08:02 AM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sat, 23 Oct 2021 08:02 AM IST
सार

अदालत ने बहस के लिए अगली तारीख 11 नवंबर तय की है। अदालत में वादी रंजना अग्निहोत्री का दावा स्वीकार करने को लेकर जिला जज में रिवीजन में चल रही है सुनवाई।

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Sri Krishna Janmabhoomi Case Mathura: Muslim side counted the shortcomings in the claim The Court
श्री कृष्ण जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री की ओर से श्री कृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन के लिए डाले जा रहे दावे की स्वीकारोक्ति संबंधी रिवीजन केस में जिला जज की अदालत में दो घंटे तक मुस्लिम पक्ष ने कमियां गिनाईं। अदालत ने बहस पूरी करने के लिए 11 नवंबर का समय दिया है। बहस के दौरान वादी और उनके अधिवक्ता मौजूद रहे।

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दावा: मंदिर तोड़कर ही मस्जिद बनाई गई थी
श्री कृष्ण जन्मस्थान प्रकरण में दावा पेश करने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के केस में शुक्रवार को जिला जज विवेक संगल की अदालत में सुनवाई चली। दावा किया था कि 54 साल पहले मस्जिद में नमाज पढ़ने का समझौता गलत था, वह पूरी जमीन श्रीकृष्ण जन्म स्थान की ही है। मंदिर तोड़कर ही मस्जिद बनाई गई थी। अदालत में करीब 2:20 बजे बहस शुरू हुई। यह 4 बजकर 10 मिनट तक चलती रही। इसमें सुन्नी वक्फ बोर्ड तथा शाही मस्जिद ईदगाह की ओर से सचिव अधिवक्ता तनवीर अहमद के अलावा अधिवक्ता जीपी निगम, नीरज शर्मा और अबरार हुसैन मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने अदालत में पेश किए गए दावे पर बहस करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया कोर्ट फीस कम लगाई गई है। कोर्ट फीस वर्तमान में कीमत के आधार पर होनी चाहिए।
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वादीगण के नक्शे में बहुत सी कमियां हैं
वहीं, लिमिटेशन एक्ट पर बहस करते हुए मुस्लिम पक्ष ने प्रश्न किया कि 54 वर्ष तक वादी ने कोई दावा क्यों नहीं किया। इसके अलावा दावे के साथ साक्ष्य संबंधी बहस भी अदालत के समक्ष हुई। अदालत ने बहस के लिए अगली तारीख 11 नवंबर तय की है। शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि वादीगण के नक्शे में बहुत सी कमियां हैं, जिनके चलते दावा स्वीकार करने योग्य नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत में दावे की वादी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री, अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, पंकज वर्मा आदि मौजूद रहे।
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महेंद्र प्रताप, मनीष यादव पक्ष की सुनवाई 19 को
स्वीकार हो चुके अधिवक्ता महेंद्र प्रताप और नारायणी सेना के अध्यक्ष मनीष यादव व अन्य के केस की सुनवाई 19 नवंबर को होगी। वादी महेंद्र प्रताप ने बताया कि उनके केस में अदालत महत्वपूर्ण निर्णय दे सकती है।

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