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UP: आगरा मेट्रो के काम को रफ्तार, होनहारों के भविष्य पर ब्रेक; निशुल्क IAS-PCS आवासीय कोचिंग सेंटर पर ताला
Sat, 04 Jan 2025 03:57 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 04 Jan 2025 03:57 PM IST
सार
आगरा मेट्रो के काम ने भले ही रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन इसकी वजह से होनहारों के भविष्य को उज्जवल करने के लिए संचालित किए जा रहे निशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग सेंटर पर ताला लटक गया है।
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आगरा मेट्रो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मेट्रो के काम ने आगरा में रफ्तार पकड़ी तो सैकड़ों होनहारों के भविष्य पर ब्रेक लग गया। मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सर्वे ने समाज कल्याण विभाग के निशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग सेंटर पर ताला जड़ दिया। बीते दो सालों से मेट्रो का काम तो दौड़ रहा है, लेकिन इस कोचिंग में पढ़कर कुछ बनने की उम्मीद रखने वाले होनहारों के सपने वहीं ठहरे हुए हैं।
आईएएस और पीसीएस सेवा में जाना युवाओं का सपना होता है। कई बार उनके और सपने के बीच तैयारी पर होने वाला खर्च दीवार बन जाता है। समाज कल्याण विभाग अनुसूचित जाति से आने वाले ऐसे ही युवाओं की राह आसान करने के लिए आगरा के खंदारी में डाॅ. भीमराव आंबेडकर आईएएस-पीसीएस कोचिंग सेंटर का संचालन कर रहा था।
इस कोचिंग सेंटर में केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि छात्र-छात्राओं के रहने की व्यवस्था भी पूरी तरह निशुल्क थी। ऐसे में युवा बिना खर्च का बोझ उठाए अपने सपनों को साकार करते थे। प्रत्येक वर्ष 200 छात्र-छात्राओं का चयन कर उन्हें तैयारी कराई जाती थी। दिसंबर 2022 से ये आवासीय कोचिंग सेंटर बंद हो गया। विभाग या सरकार ने इस योजना को बंद नहीं किया बल्कि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के काम के चलते ये सेंटर बंद करना पड़ा।
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मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के काम के लिए हुए सर्वे में कोचिंग सेंटर के आवास भवन को कमजोर बताते हुए संचालन न करने के लिए कहा गया था। इसके बाद मजबूरन समाज कल्याण विभाग को ये बंद करना पड़ा। विशेष मरम्मत के बाद ही अब यहां कोचिंग सेंटर का संचालन शुरू किया जा सकेगा, लेकिन ये कब होगा ये किसी को पता नहीं।
प्रवेश परीक्षा से होता था छात्र-छात्राओं का चयन
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित निशुल्क आवासीय कोचिंग सेंटर में प्रवेश भी परीक्षा के बाद ही मिलता है। इसके लिए विभाग द्वारा प्रदेश के आठ कोचिंग सेंटर के लिए केंद्रीकृत परीक्षा कराई जाती है। इस परीक्षा में अपनी पात्रता साबित करने वाले होनहार ही इन कोचिंग सेंटर का हिस्सा बनते थे। लेकिन अब परीक्षा के बाद भी आगरा स्थित कोचिंग सेंटर पर प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
प्रदेश में केवल 8 आवासीय कोचिंग सेंटर
उत्तर प्रदेश में वैसे तो कुल 75 जिले हैं, लेकिन अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को आईएएस और पीसीएस परीक्षा की तैयारी कराने के लिए संचालित निशुल्क आवासीय कोचिंग सेंटर 8 जिलों में ही हैं। इसमें लखनऊ में 2, वाराणसी, अलीगढ़, आगरा, हापुड़, प्रयागराज और गोरखपुर में एक-एक आवासीय कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इसमें से वर्तमान में आगरा और अलीगढ़ के कोचिंग सेंटर बंद पड़े हैं।
भवन जर्जर बताया गया
उप निदेशक समाज कल्याण विभाग आनंद कुमार सिंह मेट्रो का काम शुरू होने से पहले हुए रूट के सर्वे में कोचिंग सेंटर का भवन जर्जर बताया गया था। इसकी तकनीकी जांच की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई थी। इसके चलते ही बीते दो सालों से आवासीय कोचिंग संस्थान बंद पड़ा हुआ। विशेष मरम्मत के बाद ही इसको शुरू किया जा सकेगा।
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आईएएस और पीसीएस सेवा में जाना युवाओं का सपना होता है। कई बार उनके और सपने के बीच तैयारी पर होने वाला खर्च दीवार बन जाता है। समाज कल्याण विभाग अनुसूचित जाति से आने वाले ऐसे ही युवाओं की राह आसान करने के लिए आगरा के खंदारी में डाॅ. भीमराव आंबेडकर आईएएस-पीसीएस कोचिंग सेंटर का संचालन कर रहा था।
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इस कोचिंग सेंटर में केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि छात्र-छात्राओं के रहने की व्यवस्था भी पूरी तरह निशुल्क थी। ऐसे में युवा बिना खर्च का बोझ उठाए अपने सपनों को साकार करते थे। प्रत्येक वर्ष 200 छात्र-छात्राओं का चयन कर उन्हें तैयारी कराई जाती थी। दिसंबर 2022 से ये आवासीय कोचिंग सेंटर बंद हो गया। विभाग या सरकार ने इस योजना को बंद नहीं किया बल्कि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के काम के चलते ये सेंटर बंद करना पड़ा।
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मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के काम के लिए हुए सर्वे में कोचिंग सेंटर के आवास भवन को कमजोर बताते हुए संचालन न करने के लिए कहा गया था। इसके बाद मजबूरन समाज कल्याण विभाग को ये बंद करना पड़ा। विशेष मरम्मत के बाद ही अब यहां कोचिंग सेंटर का संचालन शुरू किया जा सकेगा, लेकिन ये कब होगा ये किसी को पता नहीं।
प्रवेश परीक्षा से होता था छात्र-छात्राओं का चयन
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित निशुल्क आवासीय कोचिंग सेंटर में प्रवेश भी परीक्षा के बाद ही मिलता है। इसके लिए विभाग द्वारा प्रदेश के आठ कोचिंग सेंटर के लिए केंद्रीकृत परीक्षा कराई जाती है। इस परीक्षा में अपनी पात्रता साबित करने वाले होनहार ही इन कोचिंग सेंटर का हिस्सा बनते थे। लेकिन अब परीक्षा के बाद भी आगरा स्थित कोचिंग सेंटर पर प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
प्रदेश में केवल 8 आवासीय कोचिंग सेंटर
उत्तर प्रदेश में वैसे तो कुल 75 जिले हैं, लेकिन अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को आईएएस और पीसीएस परीक्षा की तैयारी कराने के लिए संचालित निशुल्क आवासीय कोचिंग सेंटर 8 जिलों में ही हैं। इसमें लखनऊ में 2, वाराणसी, अलीगढ़, आगरा, हापुड़, प्रयागराज और गोरखपुर में एक-एक आवासीय कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इसमें से वर्तमान में आगरा और अलीगढ़ के कोचिंग सेंटर बंद पड़े हैं।
भवन जर्जर बताया गया
उप निदेशक समाज कल्याण विभाग आनंद कुमार सिंह मेट्रो का काम शुरू होने से पहले हुए रूट के सर्वे में कोचिंग सेंटर का भवन जर्जर बताया गया था। इसकी तकनीकी जांच की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई थी। इसके चलते ही बीते दो सालों से आवासीय कोचिंग संस्थान बंद पड़ा हुआ। विशेष मरम्मत के बाद ही इसको शुरू किया जा सकेगा।