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UP: सपा का मिशन 2027 और सपा सांसद पर दूसरी बार करणी सेना का हमला...सियासी मायने समझें, अखिलेश को बड़ा फायदा!
Mon, 28 Apr 2025 12:52 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेवटर्क, आगरा
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेवटर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:52 PM IST
सार
राणा सांगा पर गहराए विवाद के बाद सपा सांसद पर दूसरी बार करणी सेना ने हमला किया। जानकारों की मानें तो इस विवाद से यूपी के आगामी चुनाव में जातीय ध्रुवीकरण को बल मिलेगा।
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अखिलेश, रामजी लाल सुमन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
समाजवादी सांसद रामजीलाल सुमन पर दूसरी बार हमले के बाद एक तरफ विवाद गहराने के आसार हैं तो दूसरी तरफ सूबे में जातीय ध्रुवीकरण को बल मिलेगा। करणी सेना के पक्ष में क्षत्रिय संगठन एकजुट हैं। जबकि सपा इसे दलित नेता पर हमला बता चुनावी मुद्दा बना सकती है।
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एक महीने से जारी सियासी घमासान
राणा सांगा पर टिप्पणी के बाद मचा सियासी घमासान पिछले एक महीने से जारी है। 21 मार्च को राज्यसभा में दिए बयान के बाद रामजीलाल सुमन पर दो बार हमला हो चुका है। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ महापुरुषों के अपमान पर सपा पर निशाना साध रहे हैं। पलटवार करते हुए अखिलेश यादव इसे सरकार की सोची-समझी साजिश बता रहे हैं। ऐसे में सूबे से केंद्र तक सियासत गर्म है।
ये भी पढ़ें - UP: मेरी हत्या कराना चाहती है सरकार...करणी सेना ने इस तरह किया हमला, सपा सांसद ने बताया दहशत को वो मंजर
राणा सांगा पर टिप्पणी के बाद मचा सियासी घमासान पिछले एक महीने से जारी है। 21 मार्च को राज्यसभा में दिए बयान के बाद रामजीलाल सुमन पर दो बार हमला हो चुका है। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ महापुरुषों के अपमान पर सपा पर निशाना साध रहे हैं। पलटवार करते हुए अखिलेश यादव इसे सरकार की सोची-समझी साजिश बता रहे हैं। ऐसे में सूबे से केंद्र तक सियासत गर्म है।
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कानून व्यवस्था के लिए बताया खतरा
करणी सेना के ओकेंद्र राणा ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए सपा को सफा करने का एलान किया है। उधर, अनूसूचित वर्ग व अन्य संगठनों ने हमले की निंदा करते हुए कानून व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। ऐसे में सपा मिशन 2027 के लिए इस मुद्दे को भुनाना चाहती है। पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यकों के बीच पकड़ मजबूत करने में लगी है।
ये भी पढ़ें - UP: करणी सेना अध्यक्ष ओकेंद्र राणा की खुली धमकी, जब तक तोड़ेंगे नहीं, छोड़ेंगे नहीं...अखिलेश को भी खुली चुनौती
करणी सेना के ओकेंद्र राणा ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए सपा को सफा करने का एलान किया है। उधर, अनूसूचित वर्ग व अन्य संगठनों ने हमले की निंदा करते हुए कानून व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। ऐसे में सपा मिशन 2027 के लिए इस मुद्दे को भुनाना चाहती है। पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यकों के बीच पकड़ मजबूत करने में लगी है।
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तेज हो सकता है सियासी संघर्ष
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पहले हमले के बाद आगरा को सामाजिक न्याय का राज स्थापित करने के लिए प्रतीकात्मक राजधानी माना था। ऐसे में अब सियासी संघर्ष तेज हो सकता है।
ये भी पढ़ें - Agra Metro: आगरा मेट्रो कार्य के चलते जाम ही जाम, एमजी रोड से लेकर हाईवे तक हुआ बुरा हाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पहले हमले के बाद आगरा को सामाजिक न्याय का राज स्थापित करने के लिए प्रतीकात्मक राजधानी माना था। ऐसे में अब सियासी संघर्ष तेज हो सकता है।
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हमला हुआ या प्रायोजित, जांच का विषय
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हिंसा का समर्थन कहीं भी उचित नहीं है। लेकिन यह जांच का विषय है कि यह हमला वास्तव में हुआ है या प्रायोजित था, क्योंकि काफिले में तमाम कार्यकर्ता उनके साथ थे। अगर वाकई हमला हुआ है तो यह निंदा योग्य है और संबंधित जिले की पुलिस इसकी जांच करके कार्रवाई करेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हिंसा का समर्थन कहीं भी उचित नहीं है। लेकिन यह जांच का विषय है कि यह हमला वास्तव में हुआ है या प्रायोजित था, क्योंकि काफिले में तमाम कार्यकर्ता उनके साथ थे। अगर वाकई हमला हुआ है तो यह निंदा योग्य है और संबंधित जिले की पुलिस इसकी जांच करके कार्रवाई करेगी।