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भीषण गर्मी भी नहीं रोक सकी कदम, पांच लाख श्रद्घालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
Mon, 03 Jun 2019 05:19 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 03 Jun 2019 05:19 PM IST
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गंगाघाट पर भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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भीषण गर्मी के बावजूद सोमवती अमावस्या के पर्व पर श्रद्धालुओं की श्रद्धा में गर्मी का कोई असर नजर नहीं आया। श्रद्धालु श्रद्धा के साथ गंगाघाटों पर पहुंचे और हर हर गंगे के जयकारों के बीच पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगाघाटों पर स्नान किया।
कासगंज-बदायूं की सीमा के कछला गंगाघाट पर सर्वाधिक भीड़ का आलम रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे सारी व्यवस्थाएं चरमरा गईं। हर जगह श्रद्धालुओं की भीड़ गंगाघाटों से लेकर सड़कों तक नजर आ रही थी। सोरों तीर्थनगरी की हरि की पैड़ी पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ का जबरदस्त आलम था।
सोरों के ही लहरा गंगाघाट, गंजडुंडवारा के कादरगंज गंगाघाट पर जबरदस्त भीड़ उमड़ी। एक दिन पहले से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगाघाटों पर डेरा जमा लिया था। सुबह ब्रह्म मुहूर्त के साथ ही गंगास्नान का सिलसिला शुरू हो गया। घंटे, घड़ियाल और शंख ध्वनि के बीच सुबह 4 बजे से ही हर हर गंगे के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु गंगास्नान करने लगे।
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कासगंज-बदायूं की सीमा के कछला गंगाघाट पर सर्वाधिक भीड़ का आलम रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे सारी व्यवस्थाएं चरमरा गईं। हर जगह श्रद्धालुओं की भीड़ गंगाघाटों से लेकर सड़कों तक नजर आ रही थी। सोरों तीर्थनगरी की हरि की पैड़ी पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ का जबरदस्त आलम था।
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सोरों के ही लहरा गंगाघाट, गंजडुंडवारा के कादरगंज गंगाघाट पर जबरदस्त भीड़ उमड़ी। एक दिन पहले से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगाघाटों पर डेरा जमा लिया था। सुबह ब्रह्म मुहूर्त के साथ ही गंगास्नान का सिलसिला शुरू हो गया। घंटे, घड़ियाल और शंख ध्वनि के बीच सुबह 4 बजे से ही हर हर गंगे के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु गंगास्नान करने लगे।
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सोमवार सायं तक गंगास्नान का सिलसिला चलता रहा। 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के गंगा में स्नान करने का अनुमान लगाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का भी यही आकलन है। हालांकि गंगाघाट पर लोग इस संख्या को और अधिक बता रहे हैं। श्रद्धालुओं ने गंगास्नान कर गंगा दुग्धाभिषेक किया वहीं श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पैरावनी की।
तमाम श्रद्धालुओं ने गरीबों और ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देकर भोजन कराया। वस्त्र व अन्य जरूरत के सामान भेंट किए। राजस्थान और मध्य प्रदेश से पहुंचे तमाम श्रद्धालुओं ने हवन पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए और वहीं अपने देवताओं की भी विधिविधान से पूजा अर्चना की।
तमाम श्रद्धालुओं ने गरीबों और ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देकर भोजन कराया। वस्त्र व अन्य जरूरत के सामान भेंट किए। राजस्थान और मध्य प्रदेश से पहुंचे तमाम श्रद्धालुओं ने हवन पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए और वहीं अपने देवताओं की भी विधिविधान से पूजा अर्चना की।