{"_id":"e8893b1313d28ebff1ba64c74e5b5303","slug":"social-workar-caught-agent-doc-leave-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पकड़ में आए निजी लैब एजेंट को डाक्टरों ने छोड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पकड़ में आए निजी लैब एजेंट को डाक्टरों ने छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Thu, 03 Mar 2016 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएन मेडिकल में वसूली कर रहे एक एजेंट को किसी तरह समाजसेवियों ने पकड़ा। डाक्टरों के सामने पेश किया। मगर ये क्या... डाक्टर तो खुद ही उसकी तरफदारी करने लगे। यही नहीं मौका मिलते ही उसे भगा भी दिया।
ये आरोप लगाया है सत्यमेव जयते के समन्वयक नरेश पारस ने। उनका कहना है कि बुधवार को दोपहर के करीब एक बजे सर्जरी विभाग की ओपीडी के बाहर मैनपुरी की गौरी, औरेया की बीना, खेरिया मोढ़ निवासी शीला और एटा के राकेश से जांच के लिए एख एजेंट ने 300-300 रुपये वसूल लिए। कुछ समय बाद जांच के लिए मरीजों के सैंपल नहीं लिए तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इनकी शिकायत पर संस्था के सदस्यों ने आरोपी को पकड़कर डाक्टरोें के सुपुर्द कर दिया। लेकिन आरोप का समर्थन करते हुए डाक्टरों ने उसे यहीं का स्टाफ बताया। जब जांच के लिए रुपये वसूलने की बात उन्हें बताई तो उसे बाहरी बताकर प्राचार्य को सुपुर्द कराने की बात कही। इसी बीच उसे पीछे के गेट से बाहर निकाल दिया। इसकी शिकायत लेकर सभी प्राचार्य के पास पहुंचे तो डाक्टर भी वहां पहुंच गए। पारस ने ये भी आरोप लगाया कि डाक्टरों ने उन्हें धमकाया कि दोबारा कि यहां नजर आए तो ठीक नहीं होगा।
- प्राचार्य डा. एसके गर्ग का कहना है कि शिकायत की जांच कराई जा रही है।
पहले भी पकड़ चुका है एजेंट
- बीते सप्ताह त्वचा रोग विभाग से भी ऐसा ही एक एजेंट मरीजों के हत्थे चढ़ा। उसने जांच के नाम पर 1500 रुपये ठग लिए थे। हंगामा होने पर पुलिस पहुंची और आरोपी पर कानूनी कार्रवाई की।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये आरोप लगाया है सत्यमेव जयते के समन्वयक नरेश पारस ने। उनका कहना है कि बुधवार को दोपहर के करीब एक बजे सर्जरी विभाग की ओपीडी के बाहर मैनपुरी की गौरी, औरेया की बीना, खेरिया मोढ़ निवासी शीला और एटा के राकेश से जांच के लिए एख एजेंट ने 300-300 रुपये वसूल लिए। कुछ समय बाद जांच के लिए मरीजों के सैंपल नहीं लिए तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इनकी शिकायत पर संस्था के सदस्यों ने आरोपी को पकड़कर डाक्टरोें के सुपुर्द कर दिया। लेकिन आरोप का समर्थन करते हुए डाक्टरों ने उसे यहीं का स्टाफ बताया। जब जांच के लिए रुपये वसूलने की बात उन्हें बताई तो उसे बाहरी बताकर प्राचार्य को सुपुर्द कराने की बात कही। इसी बीच उसे पीछे के गेट से बाहर निकाल दिया। इसकी शिकायत लेकर सभी प्राचार्य के पास पहुंचे तो डाक्टर भी वहां पहुंच गए। पारस ने ये भी आरोप लगाया कि डाक्टरों ने उन्हें धमकाया कि दोबारा कि यहां नजर आए तो ठीक नहीं होगा।
विज्ञापन
- प्राचार्य डा. एसके गर्ग का कहना है कि शिकायत की जांच कराई जा रही है।
पहले भी पकड़ चुका है एजेंट
- बीते सप्ताह त्वचा रोग विभाग से भी ऐसा ही एक एजेंट मरीजों के हत्थे चढ़ा। उसने जांच के नाम पर 1500 रुपये ठग लिए थे। हंगामा होने पर पुलिस पहुंची और आरोपी पर कानूनी कार्रवाई की।
विज्ञापन