{"_id":"6ab222a4afb81376d20fe9d3","slug":"sn-medical-college-begins-repair-and-painting-of-pediatrics-department-after-plaster-accident-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्लास्टर हादसे के बाद जागा एसएन: बाल रोग विभाग की रंगाई-पुताई शुरू, जर्जर हिस्सों की भी हो रही मरम्मत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्लास्टर हादसे के बाद जागा एसएन: बाल रोग विभाग की रंगाई-पुताई शुरू, जर्जर हिस्सों की भी हो रही मरम्मत
Tue, 22 Sep 2026 12:09 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:09 PM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लास्टर हादसे के बाद ऑडिट में जर्जर मिले बाल रोग विभाग की रंगाई-पुताई और मरम्मत शुरू कर दी गई है। कॉलेज के आंतरिक बजट से प्रारंभिक काम कराया जा रहा है, जबकि बाकी पुराने भवनों की वैज्ञानिक मरम्मत बजट मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी करेगा।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज बाल रोग विभाग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसएन मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विभाग और एकेडमिक ब्लॉक की मरम्मत की जा रही है। बाल रोग विभाग की रंगाई-पुताई भी की जा रही है। प्लास्टर हादसे में बच्चे की मौत के बाद इसकी हालत सबसे ज्यादा खराब मिली थी।
बीते महीने इमरजेंसी में प्लास्टर हादसे के बाद बच्चे की मौत पर सपा-कांग्रेस ने खूब हंगामा किया। इसके बाद पुराने भवनों की ऑडिट कराई गई। इसमें बाल रोग, मेडिसिन विभाग, नेत्र रोग विभाग, इमरजेंसी, नई आठ मंजिला भवन, ओपीडी नंबर-दो समेत अन्य पुराने भवन जर्जर मिले।
इनमें से बाल रोग और एकेडमिक ब्लॉक की हालत ज्यादा खराब मिली। ऐसे में इसकी प्रारंभिक मरम्मत कार्य किया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कॉलेज के आंतरिक बजट से रंगाई-पुताई और जर्जर हिस्सों को ठीक किया जा रहा है, बाकी का बजट आने के बाद लोक निर्माण विभाग सभी पुराने भवनों की वैज्ञानिक ढंग से मरम्मत करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते महीने इमरजेंसी में प्लास्टर हादसे के बाद बच्चे की मौत पर सपा-कांग्रेस ने खूब हंगामा किया। इसके बाद पुराने भवनों की ऑडिट कराई गई। इसमें बाल रोग, मेडिसिन विभाग, नेत्र रोग विभाग, इमरजेंसी, नई आठ मंजिला भवन, ओपीडी नंबर-दो समेत अन्य पुराने भवन जर्जर मिले।
विज्ञापन
इनमें से बाल रोग और एकेडमिक ब्लॉक की हालत ज्यादा खराब मिली। ऐसे में इसकी प्रारंभिक मरम्मत कार्य किया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कॉलेज के आंतरिक बजट से रंगाई-पुताई और जर्जर हिस्सों को ठीक किया जा रहा है, बाकी का बजट आने के बाद लोक निर्माण विभाग सभी पुराने भवनों की वैज्ञानिक ढंग से मरम्मत करेगा।
विज्ञापन