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Firozabad: उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासों में होगी पढ़ाई, पहले चरण में 200 विद्यालयों का हुआ चयन
Fri, 01 Jul 2022 04:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 01 Jul 2022 04:13 PM IST
सार
प्रत्येक विद्यालय में स्मार्ट क्लास विकसित करने पर सरकार करीब दो लाख रुपये खर्च करेगी। इन दो लाख रुपये में कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, स्मार्ट टेलीविजन, इनवर्टर आदि लगाए जाएंगे।
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स्मार्ट क्लास (फाइल फोटो)
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विस्तार
फिरोजाबाद में परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा प्रणाली आधुनिक होने जा रही है। इंटीग्रेटेड स्कीम फॉर स्कूली शिक्षा के अंतर्गत संचालित आईसीटी और डिजिटल इनिशिएटिव एवं नोवेटिव प्रोग्राम फार मानीटरिंग के तहत जिले के सभी 629 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास विकसित होंगी।
पहले चरण में 200 विद्यालयों में इसी वर्ष स्मार्ट क्लास तैयार कर ली जाएंगी, जबकि शेष विद्यालयों में दूसरे चरण में अगले वर्ष स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी। प्रत्येक विद्यालय में स्मार्ट क्लास विकसित करने पर सरकार करीब दो लाख रुपये खर्च करेगी। इन दो लाख रुपये में कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, स्मार्ट टेलीविजन, इनवर्टर आदि लगाए जाएंगे।
जनपद में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1860 है, जिनमें 573 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। पहले चरण के लिए 246 विद्यालयों का चयन शासन स्तर से कर लिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र के चयनित विद्यालय का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं को देख लें। साथ ही जिस कक्ष में स्मार्ट क्लास बनाई जानी है उसका चिन्हांकन कर लें। विद्यालय का भवन कक्ष के दरवाजे मजबूत और लोहे के बने हों। यदि स्मार्ट क्लास में किसी सामान की चोरी होती है तो तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक की होगी।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार की योजना के तहत सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास विकसित की जानी हैं। जनपद के सभी 629 विद्यालयों में क्लास विकसित होनी हैं। पहले चरण में 200 विद्यालयों में कार्य होना है। बाकी में दूसरे चरण में होगा। निश्चित ही स्मार्ट क्लास बनने के बाद व्यवस्था और बेहतर होगी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेने को कहा है।
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पहले चरण में 200 विद्यालयों में इसी वर्ष स्मार्ट क्लास तैयार कर ली जाएंगी, जबकि शेष विद्यालयों में दूसरे चरण में अगले वर्ष स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी। प्रत्येक विद्यालय में स्मार्ट क्लास विकसित करने पर सरकार करीब दो लाख रुपये खर्च करेगी। इन दो लाख रुपये में कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, स्मार्ट टेलीविजन, इनवर्टर आदि लगाए जाएंगे।
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जिले में हैं 573 उच्च प्राथमिक विद्यालय
जनपद में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1860 है, जिनमें 573 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। पहले चरण के लिए 246 विद्यालयों का चयन शासन स्तर से कर लिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र के चयनित विद्यालय का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं को देख लें। साथ ही जिस कक्ष में स्मार्ट क्लास बनाई जानी है उसका चिन्हांकन कर लें। विद्यालय का भवन कक्ष के दरवाजे मजबूत और लोहे के बने हों। यदि स्मार्ट क्लास में किसी सामान की चोरी होती है तो तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक की होगी।
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