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UP: छोटे व्यापारी और कारीगर ध्यान दें, बुढ़ापे का सहारा बनेगा एनपीएस; विशेषज्ञ देंगे टिप्स
Tue, 17 Mar 2026 11:12 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:12 AM IST
सार
आगरा में 18 मार्च को पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण और अमर उजाला बोनस की ओर से ‘हुनरमंद हाथ, एनपीएस का साथ’ कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें विशेषज्ञ छोटे उद्यमियों और कारीगरों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के जरिए सुरक्षित भविष्य और रिटायरमेंट प्लानिंग के बारे में जानकारी देंगे।
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‘हुनरमंद हाथ, एनपीएस का साथ’
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दुनिया में मोहब्बत की नगरी के नाम से मशहूर ताजनगरी में देश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए अमर उजाला बोनस और पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) मिलकर विशेष कार्यक्रम ‘हुनरमंद हाथ, एनपीएस का साथ’ का आयोजन करने जा रहे हैं। 18 मार्च को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम एमजी रोड स्थित हॉलिडे इन होटल में सुबह 10:30 बजे से दोपहर दो बजे तक होगा।
इस मौके पर वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञ एवं पीएफआरडीए के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) आशीष कुमार सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करेंगे। वे बताएंगे कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली क्यों जरूरी है, जल्दी निवेश से कैसे लाभ मिलता है और यह योजना भविष्य को कैसे सुरक्षित बनाती है। कार्यक्रम में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, नैनो इकाइयों से जुड़े उद्यमी और बड़ी संख्या में स्वरोजगार से जुड़े लोग भी शामिल होंगे।
छोटे व्यापारियों, कारीगरों के लिए एनपीएस क्यों जरूरी
देश में लाखों लोग छोटे व्यापार, सेवा गतिविधियों और स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। इनमें से अधिकांश लोग किसी संगठित पेंशन व्यवस्था के दायरे में नहीं आते। व्यापार और स्वरोजगार की आय अक्सर बाजार की परिस्थितियों और आर्थिक उतार-चढ़ाव पर निर्भर रहती है, जिसके कारण भविष्य के लिए नियमित बचत करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
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परिणामस्वरूप जीवन के अंतिम पड़ाव में आर्थिक असुरक्षा, स्वास्थ्य व्यय और घरेलू जरूरतें कई बार कठिनाइयों का कारण बन जाती हैं। ऐसे में नेशनल पेंशन प्रणाली (एनपीएस) छोटे व्यापारियों, कारीगरों, दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, गृहणियों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रही है। इस योजना में कम रकम से शुरू होने वाला निवेश लंबी अवधि में चक्रवृद्धि रिटर्न के कारण बड़ी बचत और स्थायी पेंशन में बदल जाता है।
आज के बदलते सामाजिक ढांचे जहां परिवार छोटे हो रहे हैं और खर्च बढ़ते जा रहे हैं, में हर व्यक्ति को वृद्धावस्था की तैयारी खुद करनी पड़ती है। छोटे कारोबार और स्वरोजगार की आमदनी कई बार अनिश्चित होती है, जबकि एनपीएस जीवनभर की स्थायी व भरोसेमंद आय का विकल्प देता है। यही इसे असंगठित क्षेत्र से जुड़े लाखों परिवारों के लिए भविष्य का मजबूत सहारा बनाता है।
एनपीएस को कैसे बनाएं जीवन का सहारा
एनपीएस एक दीर्घकालिक योजना है, जिसमें नियमित बचत के माध्यम से छोटी-छोटी रकम समय के साथ बड़ा कोष तैयार करती है। जैसे हुनरमंद हाथों से किया गया छोटा काम समय के साथ बड़े कारोबार का रूप ले सकता है, वैसे ही एनपीएस में किया गया छोटा निवेश भविष्य में बड़ी रकम और आजीवन पेंशन का आधार बन सकता है।
एनपीएस की खासियत
• बाजार आधारित बेहतर रिटर्न
• अनुशासित निवेश
• लंबी अवधि में तेज कंपाउंडिंग
• रिटायरमेंट पर एकमुश्त बड़ी राशि
• जीवनभर नियमित पेंशन
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इस मौके पर वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञ एवं पीएफआरडीए के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) आशीष कुमार सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करेंगे। वे बताएंगे कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली क्यों जरूरी है, जल्दी निवेश से कैसे लाभ मिलता है और यह योजना भविष्य को कैसे सुरक्षित बनाती है। कार्यक्रम में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, नैनो इकाइयों से जुड़े उद्यमी और बड़ी संख्या में स्वरोजगार से जुड़े लोग भी शामिल होंगे।
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छोटे व्यापारियों, कारीगरों के लिए एनपीएस क्यों जरूरी
देश में लाखों लोग छोटे व्यापार, सेवा गतिविधियों और स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। इनमें से अधिकांश लोग किसी संगठित पेंशन व्यवस्था के दायरे में नहीं आते। व्यापार और स्वरोजगार की आय अक्सर बाजार की परिस्थितियों और आर्थिक उतार-चढ़ाव पर निर्भर रहती है, जिसके कारण भविष्य के लिए नियमित बचत करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
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परिणामस्वरूप जीवन के अंतिम पड़ाव में आर्थिक असुरक्षा, स्वास्थ्य व्यय और घरेलू जरूरतें कई बार कठिनाइयों का कारण बन जाती हैं। ऐसे में नेशनल पेंशन प्रणाली (एनपीएस) छोटे व्यापारियों, कारीगरों, दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, गृहणियों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रही है। इस योजना में कम रकम से शुरू होने वाला निवेश लंबी अवधि में चक्रवृद्धि रिटर्न के कारण बड़ी बचत और स्थायी पेंशन में बदल जाता है।
आज के बदलते सामाजिक ढांचे जहां परिवार छोटे हो रहे हैं और खर्च बढ़ते जा रहे हैं, में हर व्यक्ति को वृद्धावस्था की तैयारी खुद करनी पड़ती है। छोटे कारोबार और स्वरोजगार की आमदनी कई बार अनिश्चित होती है, जबकि एनपीएस जीवनभर की स्थायी व भरोसेमंद आय का विकल्प देता है। यही इसे असंगठित क्षेत्र से जुड़े लाखों परिवारों के लिए भविष्य का मजबूत सहारा बनाता है।
एनपीएस को कैसे बनाएं जीवन का सहारा
एनपीएस एक दीर्घकालिक योजना है, जिसमें नियमित बचत के माध्यम से छोटी-छोटी रकम समय के साथ बड़ा कोष तैयार करती है। जैसे हुनरमंद हाथों से किया गया छोटा काम समय के साथ बड़े कारोबार का रूप ले सकता है, वैसे ही एनपीएस में किया गया छोटा निवेश भविष्य में बड़ी रकम और आजीवन पेंशन का आधार बन सकता है।
एनपीएस की खासियत
• बाजार आधारित बेहतर रिटर्न
• अनुशासित निवेश
• लंबी अवधि में तेज कंपाउंडिंग
• रिटायरमेंट पर एकमुश्त बड़ी राशि
• जीवनभर नियमित पेंशन