मथुरा में बुखार से दो की मौत: यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में बिगड़ी छह साल के बच्चे की तबियत, महिला ने भी तोड़ा दम
मृतक बच्चे के माता-पिता मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले हैं। वो बस से दिल्ली जा रहे थे। मांट टोल पार होते ही उनके बेटे की तबियत अचानक बिगड़ गई। वो एंबुलेंस से बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मथुरा जनपद में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं मृतकों का आंकड़ा भी बढ़ने से प्रशासन के हाथपैर फूले हैं। रविवार शाम को आई रिपोर्ट में कोह में पांच और पिपरोट में आठ नए डेंगू के मरीज मिले हैं। इधर, यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में सफर कर रहे बच्चे की तबियत अचानक बिगड़ गई। परिजन एंबुलेंस से उसे सीएचसी मांट लाए, यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, सुरीर के गांव बिजऊ निवासी कुसमा (60) की डेंगू से वृंदावन के एक अस्पताल में मौत हो गई। वृद्धा को दस दिन पहले बुखार आया था और पांच दिन पहले भर्ती कराया था।
मध्य प्रदेश के जिला मुरैना के थाना सोहनिया के गांव उमरियाई निवासी राजेश परिवार के साथ बस से दिल्ली जा रहे थे। राजेश के साथ उसका 6 वर्षीय पुत्र आशु भी था। मांट टोल पार करते ही आशु के पेट में दर्द व बुखार होने लगा। राजेश ने तत्काल 108 पर कॉल कर एंबुलेंस बुला ली। माइल स्टोन 85 थाना सुरीर के समीप परिजनों ने आशु को एंबुलेंस में शिफ्ट कर लिया। एंबुलेंस आशु को लेकर मांट सीएचसी पहुंचीं। यहां तैनात चिकित्सक डॉ. अजय कुमार ने आशु को मृत घोषित कर दिया। परिजन टैक्सी से आशु के शव को लेकर वापस गांव चले गए।
बेगमपुर में वायरल फीवर की मिली सूचना
फरह के कोह गांव के बाद मांट क्षेत्र में भी वायरल फीवर अपने पैर पसार रहा है। गांव बेगमपुर में वायरल फीवर होने की सूचना मिली तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। रविवार को कंट्रोल रूम द्वारा मांट क्षेत्र के गांव बेंगमपुर में वायरल फीवर से घर-घर मरीज होने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिली तो चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास जैन ने मौके पर टीम को भेजा और मरीजों की जांच कराई तो एक ही परिवार में चार सदस्य वायरल फीवर से बीमार मिले । वहीं, गांव बिरजी नगरिया की भावना तीन दिन से वायरल फीवर से बीमार होने पर मांट से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास जैन ने बताया कि सभी वायरल फीवर से बचने के लिए गांव-गांव जाकर फीवर के बारे में जानकारी दी जा रही है। संवाद
मथुरा जनपद में कोरोना के बढ़ते केस के बाद सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता ने रविवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण कर डेंगू वार्ड की व्यवस्थाओं को परखा। वहीं सीएमएस से यहां भर्ती मरीजों को दिए जा रहे उपचार के संबंध में जानकारी की। सीएमओ के अनुसार जनपद के सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए डेंगू वार्ड बनाए जा रहे हैं। संवाद
सीएमओ के पैर पड़ा बुजुर्ग, डीपीआरओ से गले लिपट रोई मां
कोह में डेंगू व बुखार से हो रहीं मौत के बाद पिछले दिन सीएमओ डॉक्टर रचना गुप्ता जब गांव पहुंचीं तो एक बुजुर्ग सीएमओ के पैरों पर गिर गया। कहा कि बच्चों की जिंदगी बचा लो। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह बुजुर्ग को समझाया। सीएमओ ने विश्वास दिलाया कि स्वास्थ्य विभाग कोई कसर नहीं छोड़ेगा। इसी तरह डीपीआरओ किरण चौधरी बुखार से राजा नामक बच्चे की मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं तो बच्चे की मां डीपीआरओ के गले लिपट बिलख कर रोईं। महिलाओं ने उसे किसी तरह से संभाला। दोनों वीडियो 3-4 दिन पुराने हैं। मालूम हो कि बुखार से जिले में अब तक 22 की मौत हो चुकी हैं, जिनमें 12 बच्चे शामिल हैं। इतने अधिकारियों मंत्री के आने के बाद भी ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम से भरोसा उठ चुका है, गांव में डर और भय बना हुआ है कुछ ग्रामीण घर में ताला डालकर निकल लिए हैं। संवाद
जचौंदा में बढ़ रही मरीजों की संख्या
जचौंदा में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कैंप कर जांचें कर रही हैं। लेकिन जांच रिपोर्ट में देरी के चलते मरीजों के तीमारदार सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से तंग आकर निजी अस्पतालों में मरीजों को उपचार दिलाने को मजबूर हैं। रविवार को गौरव राघव (22) की तबियत बिगड़ गई। उसे मथुरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जचौंदा के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग जांच के लिए सैंपल ले रहा है। जांच रिपोर्ट समय से नहीं मिल रही हैं। जांच आने के इंतजार तक मरीज की तबियत बिगड़ने पर उसे मजबूरन निजी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ रहा है। विजय राघव ने बताया कि गौरव राघव को गंभीर हालात में रविवार को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संवाद
30 अगस्त को मरीजों के सैंपल जांच को भेजे गए थे, अभी रिपोर्ट नहीं आई है। अब बुखार के नए मरीजों में कमी आई है। - डॉ. विमल उपाध्याय चिकित्सा अधीक्षक राल