फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Six Black Fungus Patiens Discharge From Sn Medical College

एसएन मेडिकल कॉलेज: छह और मरीजों ने दी ब्लैक फंगस को मात, ताली बजाकर किया डिस्चार्ज

Sun, 20 Jun 2021 01:08 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sun, 20 Jun 2021 01:08 PM IST
सार

ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि कविता, अवधेश कुमार, सोनू, नसीर खान, राकेश कुुमार और रेखा देवी बीते एक महीने पहले वार्ड में भर्ती हुए थे। यह सभी आगरा के ही रहने वाले हैं। 

विज्ञापन
Six Black Fungus Patiens Discharge From Sn Medical College
एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के छह मरीज ठीक हो गए हैं। शनिवार को इन्हें ताली बजाकर डिस्चार्ज कर दिया है। अब तक एसएन से सात मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।

विज्ञापन


ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि कविता, अवधेश कुमार, सोनू, नसीर खान, राकेश कुुमार और रेखा देवी बीते एक महीने पहले वार्ड में भर्ती हुए थे। यह सभी आगरा के ही रहने वाले हैं। इन सभी के सायनस, गाल और नाक की हड्डी निकाली गई। इनमें से एक मरीज का दूरबीन विधि से आंख का ऑपरेशन किया था, बाकी के दो मरीजों को इंजेक्शन देकर आंख बचाई थी, अब यह पूरी तरह से ठीक हैं। इससे पहले एक महीने पहले हाथरस का एक मरीज ठीक होकर घर जा चुका है। इलाज करने वालों में डॉ. रजनीश, डॉ. सलोनी, डॉ. कृृष्णा, डॉ. रामहित, डॉ. सतेंद्र कुमार, डॉ. ओमप्रकाश रहे।
विज्ञापन


दो मरीज और एसएन में हुए भर्ती
ब्लैक फंगस के दो मरीज और वार्ड में भर्ती हुए हैं, इनके नाक और गाल की हड्डी तक गलाव पहुंच गया है। जांच करने के बाद इनका रविवार को ऑपरेशन किया जाएगा। अब तक वार्ड में 75 मरीज भर्ती हो चुके हैं, इनमें से 39 का ऑपरेशन किया गया है। सात की आंख निकालनी पड़ी। सात ने दम तोड़ दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मरीज बोले, स्टाफ ने अभिभावक बनकर की सेवा
पहले कोरोना फिर ब्लैक फंगस, दोनों जानलेवा बीमारियों को मात देकर मरीज बेहद खुश नजर आए। चिकित्सकों ने उन्हें जब डिस्चार्ज स्लिप सौंपी तो आंखें नम हो गईं।  कविता, अवधेश कुमार, सोनू, नसीर खान, राकेश कुुमार और रेखा देवी ने कहा कि चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ ने अभिभावक बनकर इलाज और सेवा की।

फादर्स डे: वे नहीं हैं पर उनका हौसला साथ है...अपनों की यादों से जीवन में आगे बढ़ने हिम्मत ले रहे लोग, पढ़िए इनकी कहानी
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed