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Agra News: चांदी पर कीमत का ग्रहण... 80 फीसदी कारीगरों की छुट्टी
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चांदी कारोबार पर बढ़ती कीमत का ग्रहण
फोटो 103, नितेश अग्रवाल
फोटो 104, पंकज जैन
फोटो 105, बृजमोहन रैपुरिया
बढ़ती कीमतों पर बिक्री-नए ऑर्डर भी ठप, कारोबारियों की हालत खराब
चांदी के गहनों का नहीं कर रहे स्टॉक, ऑन डिमांड ही कर रहे हैं तैयार
माइ सिटी रिपोर्टर
आगरा। चांदी कारोबार पर बढ़ती कीमत का ग्रहण लग गया है। व्यापार ठप हो गया है। चांदी के गहने और अन्य आयटम की बिक्री तेजी से घटी है। ऐसे में कारोबारियों ने 80 फीसदी कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई है। नए ऑर्डर भी लगभग ठप हो गए हैं।
आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि जिले में 800 मैन्युफैक्चरर्स हैं। इनके यहां पर चांदी के आइटम बनाए जाते हैं। इसमें पायल, अंगूठी, बर्तन, सिक्के समेत अन्य सजावटी सामान हैं। चंद महीनों में ही चांदी के दाम 3.85 लाख रुपये प्रति किलाे तक पहुंच गए। इसका सीधा असर मैन्युफैक्चरर्स पर पड़ा है। पायल, बिछुआ, चांदी के सिक्के, बर्तन समेत अन्य सामान बनाने का कार्य लगभग ठप हो गया। बेहद जरूरी वाले ही बना रहे हैं। काम नहीं मिलने के कारण मैन्युफैक्चरर्स ने अपने यहां से 70-80 फीसदी कर्मचारी कम कर दिए हैं। महज 20 फीसदी कर्मचारियों से ही कार्य किया जा रहा है। चांदी की कीमत ऐसे ही बढ़ती रही तो कई कारोबार भी छोड़ सकते हैं।
शादी के लिए हल्के पायल-बिछुआ की मांग
- सराफा कारोबारी पंकज जैन ने बताया कि पूरे दिन में इक्का-दुक्का ही ग्राहक आ रहे हैं। शादी वाले घरों में भी खरीदारी सीमित कर दी है। इसमें हल्की पायल, बिछुआ ही बनवा रहे हैं। यहां तक कि उपहार में देने वाले आइटम न के बराबर रह गए हैं।
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स्टॉक बंद, ऑन डिमांड ही बना रहे हैं आइटम
आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन रैपुरिया ने बताया कि कारीगरों के लिए कार्य नहीं है। चांदी के गहने-आइटम की बिक्री 20-30 फीसदी ही रह गई है। महंगाई को देखते हुए निर्माता आइटम का स्टॉक नहीं कर रहे। ऑन डिमांड ही इनको बना रहे हैं।
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फोटो 104, पंकज जैन
फोटो 105, बृजमोहन रैपुरिया
बढ़ती कीमतों पर बिक्री-नए ऑर्डर भी ठप, कारोबारियों की हालत खराब
चांदी के गहनों का नहीं कर रहे स्टॉक, ऑन डिमांड ही कर रहे हैं तैयार
माइ सिटी रिपोर्टर
आगरा। चांदी कारोबार पर बढ़ती कीमत का ग्रहण लग गया है। व्यापार ठप हो गया है। चांदी के गहने और अन्य आयटम की बिक्री तेजी से घटी है। ऐसे में कारोबारियों ने 80 फीसदी कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई है। नए ऑर्डर भी लगभग ठप हो गए हैं।
आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि जिले में 800 मैन्युफैक्चरर्स हैं। इनके यहां पर चांदी के आइटम बनाए जाते हैं। इसमें पायल, अंगूठी, बर्तन, सिक्के समेत अन्य सजावटी सामान हैं। चंद महीनों में ही चांदी के दाम 3.85 लाख रुपये प्रति किलाे तक पहुंच गए। इसका सीधा असर मैन्युफैक्चरर्स पर पड़ा है। पायल, बिछुआ, चांदी के सिक्के, बर्तन समेत अन्य सामान बनाने का कार्य लगभग ठप हो गया। बेहद जरूरी वाले ही बना रहे हैं। काम नहीं मिलने के कारण मैन्युफैक्चरर्स ने अपने यहां से 70-80 फीसदी कर्मचारी कम कर दिए हैं। महज 20 फीसदी कर्मचारियों से ही कार्य किया जा रहा है। चांदी की कीमत ऐसे ही बढ़ती रही तो कई कारोबार भी छोड़ सकते हैं।
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शादी के लिए हल्के पायल-बिछुआ की मांग
- सराफा कारोबारी पंकज जैन ने बताया कि पूरे दिन में इक्का-दुक्का ही ग्राहक आ रहे हैं। शादी वाले घरों में भी खरीदारी सीमित कर दी है। इसमें हल्की पायल, बिछुआ ही बनवा रहे हैं। यहां तक कि उपहार में देने वाले आइटम न के बराबर रह गए हैं।
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स्टॉक बंद, ऑन डिमांड ही बना रहे हैं आइटम
आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन रैपुरिया ने बताया कि कारीगरों के लिए कार्य नहीं है। चांदी के गहने-आइटम की बिक्री 20-30 फीसदी ही रह गई है। महंगाई को देखते हुए निर्माता आइटम का स्टॉक नहीं कर रहे। ऑन डिमांड ही इनको बना रहे हैं।

चांदी कारोबार पर बढ़ती कीमत का ग्रहण

चांदी कारोबार पर बढ़ती कीमत का ग्रहण

चांदी कारोबार पर बढ़ती कीमत का ग्रहण