{"_id":"658e875ee399ccbeb4030b1d","slug":"siblings-lost-in-childhood-parents-discovered-themselves-after-thirteen-years-in-agra-2023-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: बचपन में खोए भाई-बहन अनाथालय में रहे, 13 साल बाद खुद खोज निकाले माता-पिता; मिले तो आंखों से बहा दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: बचपन में खोए भाई-बहन अनाथालय में रहे, 13 साल बाद खुद खोज निकाले माता-पिता; मिले तो आंखों से बहा दर्द
Fri, 29 Dec 2023 02:16 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 29 Dec 2023 02:16 PM IST
सार
बचपन में ही भाई-बहन अपने माता-पिता से बिछड़ गए थे। इसके बाद दोनों अनाथालय में रहे। यहां रहकर पढ़ाई की और अपने पैरों पर खड़े होने के बाद माता-पिता को खोज निकाला।
विज्ञापन
बचपन की तस्वीर और अब 13 साल बाद जब मां से बात की बेटे ने
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में 13 साल पहले मां की पिटाई से नाराज होकर घर से जाने वाले भाई-बहन राखी और बबलू शाहगंज स्थित घर पहुंचे तो मां नीतू का दर्द आंखों से बह निकला। वह बच्चों की तलाश में कहां-कहां नहीं भटकी, लेकिन दोनों को सामने देखकर उसकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। दोनों को देखने बस्ती के लोग भी पहुंच गए। खुशी में नानी में मोहल्ले में मिठाई बंटवाई।
मां की पिटाई से नाराज होकर छोड़ा था घर
2010 में जगदीशपुरा निवासी नीतू के दो बच्चे राखी और बबलू घर से लापता हो गए थे। गुस्से में नीतू ने राखी की चिमटे से पिटाई कर दी थी, जिससे वह नाराज होकर अपने छोटे भाई छह साल के बबलू को लेकर चली गई। ट्रेन में बैठकर वह मेरठ पहुंच गए। मेरठ से बच्चों को पुलिस ने उतार लिया। एक साल तक दोनों एक साथ अनाथालय में रहे। 10 वर्ष पूरे होने के बाद लड़की को नोएडा के अनाथालय और लड़के को लखनऊ के राजकीय बाल गृह में भेज दिया गया। यहां परवरिश के बाद राखी गुरुग्राम में सेल्स का काम करने लगी तो बबलू बंगलूरू में जॉब करने लगा। भाई -बहन काफी समय से अपने माता-पिता को तलाश कर रहे थे। पिछले दिनों एक संस्था की मदद से उन्होंने बाल अधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस को मां को तलाश करने को कहा था। पारस ने पुलिस की मदद से उनके परिवार को खोज निकाला। इसके बाद वीडियो कॉल कर पिता से बात की।
मां ने उतारी आरती...बोली अब मत छोड़ना
बुधवार की रात को नरेश पारस राखी और उसके भाई बबलू को लेकर नीतू के घर पहुंचे तो मां पूजा की थाली सजा कर उनका इंतजार कर रही थी। बच्चों को देखकर गले लगा लिया और रोने लगी। नीतू ने दोनों बच्चों की आरती उतारी। उनको तिलक लगाया मिठाई खिलाई। इसके बाद तो पूरे मोहल्ले में खुशियां आ गईं। दोनों भाई बहन ने पुरानी बातों को भूलने को कहा। बेटी दो दिन की छुट्टी लेकर आई थी, वह लौैट गई। बेटे ने कहा कि वह अब मां के साथ ही रहेगा। बबलू ने कहा की मैं बहुत खुश हूं। अपनी मां, नानी और नाना को अपने पैसों से रेस्तरां में खाना खिलाने ले जाऊंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मां की पिटाई से नाराज होकर छोड़ा था घर
2010 में जगदीशपुरा निवासी नीतू के दो बच्चे राखी और बबलू घर से लापता हो गए थे। गुस्से में नीतू ने राखी की चिमटे से पिटाई कर दी थी, जिससे वह नाराज होकर अपने छोटे भाई छह साल के बबलू को लेकर चली गई। ट्रेन में बैठकर वह मेरठ पहुंच गए। मेरठ से बच्चों को पुलिस ने उतार लिया। एक साल तक दोनों एक साथ अनाथालय में रहे। 10 वर्ष पूरे होने के बाद लड़की को नोएडा के अनाथालय और लड़के को लखनऊ के राजकीय बाल गृह में भेज दिया गया। यहां परवरिश के बाद राखी गुरुग्राम में सेल्स का काम करने लगी तो बबलू बंगलूरू में जॉब करने लगा। भाई -बहन काफी समय से अपने माता-पिता को तलाश कर रहे थे। पिछले दिनों एक संस्था की मदद से उन्होंने बाल अधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस को मां को तलाश करने को कहा था। पारस ने पुलिस की मदद से उनके परिवार को खोज निकाला। इसके बाद वीडियो कॉल कर पिता से बात की।
विज्ञापन
मां ने उतारी आरती...बोली अब मत छोड़ना
बुधवार की रात को नरेश पारस राखी और उसके भाई बबलू को लेकर नीतू के घर पहुंचे तो मां पूजा की थाली सजा कर उनका इंतजार कर रही थी। बच्चों को देखकर गले लगा लिया और रोने लगी। नीतू ने दोनों बच्चों की आरती उतारी। उनको तिलक लगाया मिठाई खिलाई। इसके बाद तो पूरे मोहल्ले में खुशियां आ गईं। दोनों भाई बहन ने पुरानी बातों को भूलने को कहा। बेटी दो दिन की छुट्टी लेकर आई थी, वह लौैट गई। बेटे ने कहा कि वह अब मां के साथ ही रहेगा। बबलू ने कहा की मैं बहुत खुश हूं। अपनी मां, नानी और नाना को अपने पैसों से रेस्तरां में खाना खिलाने ले जाऊंगा।
विज्ञापन