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सिय-पिय मिलन महोत्सव शुरू
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मथुरा। सिय-पिय मिलन महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आरती करते संत।
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। बक्सर बिहार के सुप्रसिद्ध सिय-पिय मिलन महोत्सव का 51वां उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन की धरा पर शनिवार से श्री सुदाम कुटी में प्रारंभ हो गया। नौ दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ श्री रामचरित मानस पाठ से हुआ।
उद्घाटन अवसर पर महंत रामरज दास महाराज, डॉ. मनोज मोहन शास्त्री, अनुराग कृष्ण शास्त्री, महंत अमर बिहारी दास ने ठाकुर जी को माल्यार्पण किया। सुदाम कुटी आश्रम के महंत सुतीक्ष्ण महाराज के सानिध्य में मामा जी महाराज के प्रथम शिष्य श्री रामचरित्र दास और लाडली बेटी सिया दीदी, रामलीला व्यास आचार्य नरहरिदास महाराज के देखरेख में यह आयोजन होगा।
महोत्सव का समन्वय अनूप शर्मा ने बताया कि रात को गौरीशंकर विवाह का मंचन किया गया। इसमें मामा जी महाराज के परिकरों ने भगवान शिव व माता पार्वती के विवाह प्रसंग का जीवंत मंचन किया। राजा हिमाचल के घर उनकी पुत्री के रूप में माता पार्वती का अवतरण से लेकर भगवान शंकर से शादी का मंचन भव्यता पूर्वक किया गया। इसमें मंगलगीत गाए गए। लीला में कुश, रविलाल, राजेश, बच्चा जी, पिंटू, श्याम प्रकाश, प्रियांशु, सौरभ, महात्मा एवं विष्णु, पुरुषोत्तम, नंद बिहारी मुख्य भूमिका में रहे। कोरोना समय को देखते हुए इस वर्ष बहुत सूक्ष्म रूप में यह आयोजन किया जा रहा है।
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उद्घाटन अवसर पर महंत रामरज दास महाराज, डॉ. मनोज मोहन शास्त्री, अनुराग कृष्ण शास्त्री, महंत अमर बिहारी दास ने ठाकुर जी को माल्यार्पण किया। सुदाम कुटी आश्रम के महंत सुतीक्ष्ण महाराज के सानिध्य में मामा जी महाराज के प्रथम शिष्य श्री रामचरित्र दास और लाडली बेटी सिया दीदी, रामलीला व्यास आचार्य नरहरिदास महाराज के देखरेख में यह आयोजन होगा।
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महोत्सव का समन्वय अनूप शर्मा ने बताया कि रात को गौरीशंकर विवाह का मंचन किया गया। इसमें मामा जी महाराज के परिकरों ने भगवान शिव व माता पार्वती के विवाह प्रसंग का जीवंत मंचन किया। राजा हिमाचल के घर उनकी पुत्री के रूप में माता पार्वती का अवतरण से लेकर भगवान शंकर से शादी का मंचन भव्यता पूर्वक किया गया। इसमें मंगलगीत गाए गए। लीला में कुश, रविलाल, राजेश, बच्चा जी, पिंटू, श्याम प्रकाश, प्रियांशु, सौरभ, महात्मा एवं विष्णु, पुरुषोत्तम, नंद बिहारी मुख्य भूमिका में रहे। कोरोना समय को देखते हुए इस वर्ष बहुत सूक्ष्म रूप में यह आयोजन किया जा रहा है।
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