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श्रीराम ने तोड़ा धनुष तो हुई जय जयकार
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फोटो-32
श्रीराम ने तोड़ा धनुष, हुई जय जयकार
-शहर की रामलीला में बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आगरा रोड रामलीला मैदान में चल रही रामलीला में शुक्रवार को रावण वाणासुर संवाद, धनुष यज्ञ और परशुराम लक्ष्मण संवाद लीला का मंचन किया गया। रामलीला का शुभारंभ कमेटी के सदस्यों ने भगवान के स्वरूपों की आरती उतारकर किया।
मंचन के दौरान महर्षि विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण सीता स्वयंवर देखने मिथिला जाते हैं। मिथिला के राजा जनक का प्रण है कि जो भगवान शिव के धनुष को तोड़ेगा उसके साथ ही सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में भाग लेने वीर राजा महाराजा आये हुए हैं। यहां लंकापति रावण और वाणासुर के बीच अपनी वीरता का बखान करते हुए तीखी बहस होती है। जब कोई राजा धनुष को हिला भी नहीं पाता है तब ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से राम शिव धनुष को तोड़ देते हैं। धनुष भंग होने के बाद महर्षि परशुराम मिथिला स्वयंवर में पहुंचते हैं। शिव धनुष को खंडित देखकर वह गुस्से में आ जाते हैं। धनुष तोड़ने को लेकर उनकी लक्ष्मण से तीखी बहस होती है। बाद में भगवान राम परशुराम को अपने द्वारा धनुष तोड़े जाने की बात बताते हैं।
इस दौरान सुरेश चंद्र बीनू बंसल, रमेश चंद्र सराफ, वीर सिंह भदौरिया, अशोक गुप्ता पप्पू, अजय गुप्ता, प्रशान्त मिश्रा, प्रतापभान सिंह चौहान, ओम कुमार चौहान, मनोज चौहान, हाकिम राजपूत, शशांक चौहान, सुरेंद्र चौहान चक्कर, उदयवीर सिंह राठौर, प्रभु पांडेय, शरद गुप्ता, अशोक गुप्ता, शिवनंदन वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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श्रीराम ने तोड़ा धनुष, हुई जय जयकार
-शहर की रामलीला में बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आगरा रोड रामलीला मैदान में चल रही रामलीला में शुक्रवार को रावण वाणासुर संवाद, धनुष यज्ञ और परशुराम लक्ष्मण संवाद लीला का मंचन किया गया। रामलीला का शुभारंभ कमेटी के सदस्यों ने भगवान के स्वरूपों की आरती उतारकर किया।
मंचन के दौरान महर्षि विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण सीता स्वयंवर देखने मिथिला जाते हैं। मिथिला के राजा जनक का प्रण है कि जो भगवान शिव के धनुष को तोड़ेगा उसके साथ ही सीता का विवाह होगा। स्वयंवर में भाग लेने वीर राजा महाराजा आये हुए हैं। यहां लंकापति रावण और वाणासुर के बीच अपनी वीरता का बखान करते हुए तीखी बहस होती है। जब कोई राजा धनुष को हिला भी नहीं पाता है तब ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से राम शिव धनुष को तोड़ देते हैं। धनुष भंग होने के बाद महर्षि परशुराम मिथिला स्वयंवर में पहुंचते हैं। शिव धनुष को खंडित देखकर वह गुस्से में आ जाते हैं। धनुष तोड़ने को लेकर उनकी लक्ष्मण से तीखी बहस होती है। बाद में भगवान राम परशुराम को अपने द्वारा धनुष तोड़े जाने की बात बताते हैं।
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इस दौरान सुरेश चंद्र बीनू बंसल, रमेश चंद्र सराफ, वीर सिंह भदौरिया, अशोक गुप्ता पप्पू, अजय गुप्ता, प्रशान्त मिश्रा, प्रतापभान सिंह चौहान, ओम कुमार चौहान, मनोज चौहान, हाकिम राजपूत, शशांक चौहान, सुरेंद्र चौहान चक्कर, उदयवीर सिंह राठौर, प्रभु पांडेय, शरद गुप्ता, अशोक गुप्ता, शिवनंदन वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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