श्री पारस अस्पताल प्रकरण : सराफ को पूछताछ के लिए थाने लाई पुलिस, व्यापारियों का हंगामा
पुलिस ने वीडियो बनाने के शक में सराफ से पांच घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद छोड़ा। इसे लेकर भाजपा विधायक और व्यापारी नेता ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए है।
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आगरा के श्री पारस अस्पताल में डॉक्टर का वीडियो बनाने के शक में सोमवार को पुलिस गांधी नगर निवासी चांदी कारोबारी विनय बंसल को घर से पकड़ लाई। उनसे थाने में पूछताछ की गई। कई सवाल-जवाब किए। उधर, सराफ को थाने लाने की जानकारी पर बड़ी संख्या में व्यापारी पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हुए।
भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने नाराजगी जाहिर की। इसके बाद ही पुलिस ने सराफ को छोड़ दिया। उनका एक मोबाइल जब्त किया गया है, जबकि दूसरा मोबाइल पुलिस को देने के लिए कहा है। उधर, पुलिस की पूछताछ से व्यापारी की तबीयत बिगड़ गई।
गांधी नगर निवासी विनय बंसल का चांदी का कारोबार है। दोपहर तकरीबन 12 बजे चार-पांच पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे। उनसे थाने चलने के लिए कहा। व्यापारी ने कारण पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी बाइक पर बैठाकर ले गए। इससे परिवार डर गया।
व्यापारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
मामले की जानकारी व्यापारियों को हो गई। दोपहर में तीन बजे आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, पार्षद नेहा गर्ग, पार्षद विमल गुप्ता, धर्मवीर सिंह आदि पहुंच गए। भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल भी आ गए। उस समय व्यापारियों को थाने के अंदर नहीं दिया गया।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस जबरन सराफ को परेशान करके वीडियो बनाने की बात कहलवाना चाहती है। इस पर विधायक ने पुलिस से बात की। पूछा कि वीडियो बनाना अपराध तो नहीं हैं। अगर, किसी को ब्लैकमेल किया है तो पुलिस साबित करे। पुलिस को कोई शिकायत मिलनी चाहिए। पुलिस बेवजह सराफ को क्यों लाई है।
जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, पुलिस यह बताए। व्यापारियों को दहशत में क्यों डाला जा रहा है। कारोबारी ने वीडियो क्यों बनाएंगे। भाजपा सरकार में कारोबारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा। व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने भी नाराजगी जाहिर की। शाम तकरीबन पांच बजे पुलिस ने सराफ को छोड़ दिया।
मुल्जिमों की तरह उठाया
भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि मुल्जिमों की तरह व्यापारी को उठाया गया है। व्यापारियों के साथ बदसलूकी सहन नहीं की जाएगी। पुलिस को क्या साक्ष्य मिले, जो व्यापारी को इस तरह लाया गया। पुलिस दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। इसका विरोध नहीं किया जाएगा। खाकी वर्दी लोगों की सुरक्षा के लिए है, न कि भयभीत करने के लिए।
निर्दोष को न फंसाया जाए
व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने कहा कि किसी भी निर्दोष को नहीं फंसाया जाना चाहिए। पुलिस व्यापारी गलत तरीके से थाने लेकर आई है। इससे रोष है। व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क पर आंदोलन करने को व्यापारी मजबूर होंगे। इस प्रकरण में दोषी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस वीडियो को ढूंढने के बजाय आरोपियों पर कार्रवाई करे। तभी मृतकों की आत्मा को शांति मिलेगी।
1. सवाल : आप श्री पारस अस्पताल में गए थे, क्यों?
जवाब : मेरी भाभी की तबीयत खराब थी। उन्हें कोरोना हो गया था। उन्हें भर्ती कराना था। इसलिए पूछने गया था। कुछ देर बाद ही लौट आया।
2. सवाल : क्या डॉ. अरिन्जय जैन का वीडियो बनाया था?
जवाब : मैंने कोई वीडियो नहीं बनाया। मैं अपने मरीज को भर्ती कराना चाहता था। इसलिए डॉक्टर से मिलने गया था। आरोप गलत है।
3. सवाल : आपका मोबाइल कहा हैं।
जवाब : मैं श्मशान घाट पर एक अंतिम संस्कार में गया था। तब हाथ धोते समय मोबाइल पानी में गिर गया। एक नया मोबाइल चार जुलाई को ही खरीदकर लाया हूं।
4. सवाल : डॉ. अरिंजय जैन को पहले से जानते हैं क्या?
जवाब : नहीं मेरी कोई जान-पहचान नहीं है। बस बीमारी में दिखाने जाता था। इसलिए कुछ बातचीत थी, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं था।
थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र बालियान ने बताया कि सराफ के पास एक मोबाइल मिला। यह मोबाइल नया था। व्यापारी ने बताया कि उनका मोबाइल रविवार को ही एक श्मशान घाट पर पानी में गिर गया था। इसलिए नया खरीदकर लाए। उनके पास नए मोबाइल का बिल भी है।
इस पर पुलिस ने बिल ले लिया। मोबाइल को जब्त कर लिया। पुराना मोबाइल भी पुलिस के पास जमा करने के लिए कहा है। उधर, व्यापारी के भाई विपुल का कहना है कि पुलिस ने उनके दोनों मोबाइल जब्त किए हैं। इन मोबाइल में किसी तरह के वीडियो नहीं हैं।
मूल वीडियो बनाने वाले का पता लगा रही पुलिस
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि सराफ को श्री पारस अस्पताल के संचालक का वीडियो बनाने के शक में पूछताछ के लिए लेकर आए थे। उनका मोबाइल जब्त किया है। इसकी जांच की जाएगी। डाटा रिकवर कराया जाएगा। व्यापारी को पूछताछ के बाद जाने दिया गया है। पुलिस को मूल वीडियो चाहिए। पुलिस वीडियो बनाने वाले का पता लगा रही है।